राजीव शंकर चतुर्वेदी
पूर्वांचल राज्य ब्यूरो
बलिया। आईआरटीएस अधिकारी निर्भय नारायण सिंह ने जनपद में बाढ़ और कटान की समस्या पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने इस दौरान शिक्षा के उत्थान पर भी बात की। अधिकारी निर्भय नारायण सिंह ने कहा कि बाढ़ और कटान बलिया के लिए एक अभिशाप है, जिसका स्थाई समाधान होना चाहिए। उन्होंने इस समस्या का गहन अध्ययन कर स्थायी हल निकालने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने पिछले 25 वर्षों के अनुभव का हवाला देते हुए कहा कि बाढ़ निरोधात्मक कार्यों की शुरुआत सही समय पर नहीं होती। देरी से कार्य शुरू होने के कारण बाढ़ आ जाती है और सरकार द्वारा खर्च किया गया पैसा अपने उद्देश्य को पूरा नहीं कर पाता। नौरंगा भुआल छपरा में ग्रामीणों द्वारा अपने संसाधनों से नदी की धारा मोड़ने के प्रयास को उन्होंने प्रशंसनीय बताया। हालांकि, उन्होंने इसे निंदनीय भी कहा, क्योंकि बाढ़ की समस्या का स्थाई समाधान करना और समय रहते कार्रवाई करना प्रशासन की जिम्मेदारी है। उन्होंने चिंता व्यक्त की कि ग्रामीण भयभीत होकर अपने स्तर पर समाधान खोजने का प्रयास कर रहे हैं, जिसकी सफलता अनिश्चित है। सिंह ने पुनः दोहराया कि बाढ़ और कटान क्षेत्र की प्रमुख समस्या है और इसका स्थाई समाधान आवश्यक है। इसके अतिरिक्त, उन्होंने जनपद में शिक्षा व्यवस्था पर भी अपने विचार रखे। उन्होंने बताया कि पिछले चार वर्षों से क्षेत्र में भ्रमण के दौरान उन्होंने हमेशा इस बात पर जोर दिया है कि किसी भी परिवार की सामाजिक-आर्थिक स्थिति तभी बदलती है, जब उस परिवार के बच्चे पढ़-लिखकर अच्छे पदों पर पहुंचते हैं।
बाढ़ और कटान के लिए स्थाई समाधान जरूरी : निर्भय नारायण सिंह










