वाराणसी। महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के संस्कृत विभाग में बुधवार को ‘पुरातन छात्र सम्मेलन’ का गरिमामय आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन विश्वविद्यालय के माननीय कुलपति प्रो. ए. के. त्यागी के मार्गदर्शन में विभागीय पुस्तकालय कक्ष में संपन्न हुआ। सम्मेलन में पूर्व छात्रों, शिक्षकों एवं शोधार्थियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की और संस्कृत भाषा के विकास तथा विभाग की प्रगति को लेकर महत्वपूर्ण विचार साझा किए।
कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ. शमा मिश्रा ने की, जबकि संचालन डॉ. सौरभ सिंह द्वारा किया गया। सम्मेलन के प्रारंभ में विभागीय आचार्यों ने उपस्थित पुरातन छात्रों का अंगवस्त्र एवं स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मान किया।
सम्मेलन के दौरान संस्कृत भाषा के प्रचार-प्रसार, विभागीय गतिविधियों के विस्तार तथा शैक्षणिक गुणवत्ता को और सशक्त बनाने को लेकर विस्तृत चर्चा हुई। वक्ताओं ने संस्कृत को नई पीढ़ी तक पहुंचाने और विभाग को राष्ट्रीय स्तर पर और अधिक प्रतिष्ठित बनाने की आवश्यकता पर बल दिया।
सर्वसम्मति से चुनी गई नई कार्यकारिणी
पुरातन छात्र सभा के सुचारू संचालन एवं संगठन को मजबूत बनाने के उद्देश्य से निर्वाचन प्रक्रिया भी संपन्न कराई गई। सर्वसम्मति से नई कार्यकारिणी का गठन किया गया, जिसमें:
अध्यक्ष: डॉ. देवेन्द्र कुमार यादव
उपाध्यक्ष: डॉ. रीता देवी
कोषाध्यक्ष: डॉ. सौरभ सिंह
मंत्री: डॉ. मुरारी शर्मा
उपमंत्री: डॉ. नेहा सिंह
कार्यकारिणी सदस्य
- डॉ. चन्द्रमा प्रसाद
- डॉ. श्वेता अग्रहरि
- डॉ. विभा सिंह
- डॉ. शमा मिश्रा
- डॉ. सरिता यादव
- डॉ. निशा
नवनियुक्त पदाधिकारियों को दी गई शुभकामनाएं
इस अवसर पर संस्कृत विभागाध्यक्ष प्रो. सीमा यादव, प्रो. अनीता तथा डॉ. दीपक कुमार विशेष रूप से उपस्थित रहे। सभी वक्ताओं ने नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को बधाई देते हुए आशा व्यक्त की कि नई कार्यकारिणी विभाग और पूर्व छात्रों के बीच समन्वय को और मजबूत करेगी तथा संस्कृत भाषा के संवर्धन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
सम्मेलन का समापन विभाग की प्रगति, संस्कृत अध्ययन के विस्तार और पूर्व छात्रों की सक्रिय भागीदारी के संकल्प के साथ हुआ।









