लखनऊ | डिजिटल डेस्क
1 जुलाई 2026 — उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव आज बुधवार (1 जुलाई) को अपना जन्मदिन मना रहे हैं। इस खास मौके पर जहां सुबह से ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और बसपा प्रमुख मायावती समेत देश के कई शीर्ष नेताओं ने उन्हें शुभकामनाएं दीं, वहीं दोपहर होते-होते कांग्रेस के शीर्ष नेता राहुल गांधी के एक बधाई संदेश ने यूपी की सियासत में जबरदस्त भूचाल ला दिया है।
गठबंधन के भीतर सीट शेयरिंग को लेकर चल रही अंदरूनी खींचतान और बयानबाजी के बीच, राहुल गांधी ने अखिलेश को बधाई देते हुए सीधे सपा के कोर एजेंडे यानी PDA (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) पर मुहर लगा दी है, जिसे अगले साल होने वाले यूपी विधानसभा चुनाव 2027 के लिए एक बड़ा गेमचेंजर माना जा रहा है।
राहुल गांधी का वो सोशल मीडिया पोस्ट, जिससे बढ़ गई बीजेपी की टेंशन
कांग्रेस और समाजवादी पार्टी दोनों ‘इंडिया’ (INDIA) गठबंधन का हिस्सा हैं। राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अखिलेश यादव को बधाई देते हुए लिखा:
“अखिलेश जी को जन्मदिन की बहुत-बहुत बधाई। PDA की हिस्सेदारी से सामाजिक न्याय का संकल्प हम मिल कर पूरा करेंगे। अच्छे स्वास्थ्य और खुशहाल जीवन के लिए शुभकामनाएं।”
सियासी मायनों को समझिए: राहुल गांधी का अखिलेश के जन्मदिन पर विशेष रूप से ‘PDA’ और ‘हिस्सेदारी’ शब्द का जिक्र करना यह साफ करता है कि दिल्ली से लेकर लखनऊ तक कांग्रेस आलाकमान यूपी में सपा के इस फॉर्मूले को पूरी तरह स्वीकार कर चुका है और सामाजिक न्याय की पिच पर ही बीजेपी को घेरने की तैयारी है।
अंदरूनी घमासान: एक तरफ दोस्ती, दूसरी तरफ 50-50 का अड़ंगा
भले ही शीर्ष नेतृत्व मिलकर चुनाव लड़ने की बात कर रहा हो, लेकिन यूपी कांग्रेस के भीतर सीट बंटवारे को लेकर तलवारें खिंच चुकी हैं। पिछले कुछ दिनों में आए ये दो बड़े बयान इसकी गवाही देते हैं:
-
इमरान मसूद का अकेले लड़ने का दावा: कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने हाल ही में यह दावा करके गठबंधन में असमंजस पैदा कर दिया था कि कांग्रेस यूपी की सभी 403 विधानसभा सीटों पर अकेले चुनाव लड़ने की तैयारी कर रही है।
-
राजेंद्र पाल गौतम का 50-50 फॉर्मूला: यूपी कांग्रेस प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम ने सीधे तौर पर मांग रख दी है कि राज्य में सीट बंटवारा सम्मानजनक और 50-50 के फॉर्मूले पर होना चाहिए, ताकि दोनों दलों को बराबर की हिस्सेदारी मिल सके।
यूपी चुनाव 2027: गठबंधन की मौजूदा स्थिति और चुनौतियां
| सियासी पहलू | ग्राउंड इनसाइड अपडेट (1 जुलाई 2026) |
| अखिलेश का कोर फॉर्मूला | PDA (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) — जिसने 2024 में सपा को 37 लोकसभा सीटें दिलाईं। |
| राहुल गांधी का स्टैंड | जन्मदिन पर PDA का खुला समर्थन कर गठबंधन को एकजुट रखने का संदेश दिया। |
| कांग्रेस यूपी इकाई की मांग | राजेंद्र पाल गौतम की तरफ से 50-50 सीट शेयरिंग की पैरवी। |
| भीतरघात का डर | इमरान मसूद के ‘403 सीटों पर तैयारी’ वाले बयान से कार्यकर्ताओं में भ्रम। |
एनालिसिस: क्या राहुल का संदेश दूर करेगा कांग्रेस-सपा का मतभेद?
2024 के लोकसभा चुनाव में इसी ‘इंडिया’ गठबंधन ने उत्तर प्रदेश में बीजेपी के विजयरथ को रोका था। अब जबकि 2027 के विधानसभा चुनाव बेहद करीब हैं, राहुल गांधी का यह ट्वीट जमीनी स्तर पर दोनों पार्टियों के कार्यकर्ताओं को एकजुट करने का एक सोचा-समझा प्रयास है। यह संदेश उन कांग्रेस नेताओं के लिए भी एक नसीहत है जो गठबंधन से अलग हटकर बयानबाजी कर रहे थे। अब देखना यह होगा कि राहुल के इस ‘PDA प्रेम’ के बाद अखिलेश यादव कांग्रेस को कितनी सीटें देने पर राजी होते हैं।










