सोनभद्र। पूर्वांचल राज्य संवाददाता, दीपू तिवारी।
समाज के प्रति चिकित्सकों के समर्पण और उनके उत्कृष्ट योगदान को सम्मानित करने के उद्देश्य से हिंडाल्को रेनुकूट की सीएसआर इकाई द्वारा 1 जुलाई को नेशनल डॉक्टर्स डे का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन क्लस्टर हेड श्री समीर नायक एवं एचआर क्लस्टर हेड श्री जसबीर सिंह के मार्गदर्शन तथा सीएसआर प्रमुख श्री अनिल झा के नेतृत्व में ग्रामीण विकास विभाग द्वारा किया गया।
इस अवसर पर दुद्धी, म्योरपुर एवं बभनी के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों तथा आदित्य बिड़ला रूरल टेक्नोलॉजी पार्क, म्योरपुर में आयोजित कार्यक्रमों के दौरान चिकित्सकों को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में दुद्धी, म्योरपुर एवं बभनी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों के अधीक्षक डॉ. शाह आलम अंसारी, डॉ. पी.एन. सिंह एवं डॉ. राजन सिंह सहित अन्य चिकित्सक उपस्थित रहे।
सीएसआर प्रमुख श्री अनिल झा ने सभी चिकित्सकों को नेशनल डॉक्टर्स डे की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि डॉक्टर धरती पर भगवान का स्वरूप हैं, जो अपने ज्ञान, सेवा और समर्पण से लोगों को नया जीवन प्रदान करते हैं। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार चिकित्सक समाज के स्वास्थ्य की निरंतर चिंता करते हैं, उसी प्रकार उन्हें अपने स्वास्थ्य का भी विशेष ध्यान रखना चाहिए, ताकि वे निरंतर समाज की सेवा करते रहें।
आदित्य बिड़ला रूरल टेक्नोलॉजी पार्क, म्योरपुर हॉस्पिटल के डॉ. डी.पी. सक्सेना ने कहा कि चिकित्सा क्षेत्र में महान चिकित्सक एवं पश्चिम बंगाल के द्वितीय मुख्यमंत्री डॉ. विधान चंद्र राय के अतुलनीय योगदान के सम्मान में प्रतिवर्ष 1 जुलाई को उनके जन्मदिवस पर नेशनल डॉक्टर्स डे मनाया जाता है।
इस अवसर पर सीएसआर प्रमुख श्री अनिल झा तथा अधिकारियों श्री सुमाशिष चक्रवर्ती, श्री रमाकांत शर्मा, श्री प्रदीप सोनी एवं श्री सचिन सिंह ने दुद्धी, म्योरपुर एवं बभनी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों के चिकित्सकों तथा सीएसआर से जुड़े सभी डॉक्टरों को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया।
ग्रामीण विकास अधिकारी श्री सुमाशिष चक्रवर्ती ने कहा कि समाज के प्रति चिकित्सकों का योगदान अतुलनीय है और उनकी सेवाएं सदैव प्रेरणादायी रहेंगी। वहीं ग्रामीण विकास अधिकारी श्री रमाकांत शर्मा ने कहा कि चिकित्सकों की उत्कृष्ट एवं निस्वार्थ सेवा ही उन्हें समाज में सर्वोच्च सम्मान और प्रतिष्ठा दिलाती है।
कार्यक्रम के अंत में सभी चिकित्सकों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए उनके उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु एवं निरंतर सेवा भावना की कामना की गई।










