लखनऊ/वाराणसी | अपडेटेड: उत्तर प्रदेश सरकार ने बेसिक शिक्षा विभाग के शिक्षकों और कर्मचारियों के लिए देश की सबसे बड़ी सामाजिक सुरक्षा योजनाओं में से एक की शुरुआत की है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को वाराणसी से मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना का शुभारंभ किया। इसके साथ ही भारतीय स्टेट बैंक (SBI) के साथ हुए एमओयू के तहत शिक्षकों, शिक्षामित्रों, अनुदेशकों, रसोइयों और अन्य पात्र कर्मचारियों को ₹1 करोड़ तक का दुर्घटना बीमा और ₹5 लाख तक कैशलेस इलाज की सुविधा मिलेगी। सरकार के अनुसार, इस योजना से लगभग 12 लाख लाभार्थियों को फायदा होगा।
क्या है नई योजना?
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश शिक्षकों को इस स्तर का सुरक्षा कवच देने वाला देश का पहला राज्य बन गया है। योजना का उद्देश्य शिक्षकों और शिक्षा विभाग से जुड़े कर्मचारियों को स्वास्थ्य और आर्थिक सुरक्षा प्रदान करना है। इसके लिए बेसिक शिक्षा विभाग और भारतीय स्टेट बैंक के बीच विशेष समझौता किया गया है।
किसे कितना मिलेगा बीमा?
स्थायी शिक्षक एवं कर्मचारी
- ₹10 लाख का ग्रुप टर्म लाइफ इंश्योरेंस
- ₹1 करोड़ का पर्सनल एक्सीडेंट कवर
- ₹1 करोड़ का स्थायी दिव्यांगता बीमा
- ₹1.60 करोड़ तक एयर एक्सीडेंट बीमा
- कर्मचारी की मृत्यु की स्थिति में बच्चों की शिक्षा और बेटियों के विवाह के लिए अतिरिक्त आर्थिक सहायता
संविदा कर्मचारी (₹10,000 से अधिक वेतन)
- ₹30 लाख से ₹80 लाख तक दुर्घटना बीमा
- स्थायी दिव्यांगता पर ₹30 लाख
- आंशिक दिव्यांगता पर ₹15 लाख
- परिवार के लिए अतिरिक्त सहायता प्रावधान
₹10,000 से कम वेतन वाले कर्मचारी
- ₹2 लाख तक दुर्घटना बीमा
ये लाभ एसबीआई के विशेष वेतन पैकेज के तहत उपलब्ध कराए जाएंगे।
₹5 लाख तक कैशलेस इलाज
मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना के तहत पात्र शिक्षक और कर्मचारी ₹5 लाख तक कैशलेस इलाज करा सकेंगे। सरकारी और सूचीबद्ध निजी अस्पतालों में भर्ती होने पर इलाज का खर्च सरकार वहन करेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस योजना पर सरकार हर वर्ष लगभग ₹450 करोड़ खर्च करेगी और इसका पूरा भार राज्य सरकार उठाएगी।
सीएम योगी का संदेश
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सरकार शिक्षकों से केवल एक “गुरु दक्षिणा” चाहती है—वे बच्चों की शिक्षा, स्कूलों की गुणवत्ता और स्वच्छ वातावरण पर पूरा ध्यान दें ताकि प्रदेश का भविष्य मजबूत हो सके। कार्यक्रम में स्कूली बच्चों के खातों में डीबीटी के माध्यम से यूनिफॉर्म सहायता राशि भी भेजी गई।
शिक्षा मंत्री का बयान
माध्यमिक शिक्षा मंत्री गुलाब देवी ने कहा कि सरकार शिक्षा व्यवस्था को पारदर्शी बनाने के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने बोर्ड परीक्षाओं में नकल रोकने और राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की जांच को लेकर भी सरकार की कार्रवाई का उल्लेख किया।
मुख्य बातें (Highlights)
- उत्तर प्रदेश के लगभग 12 लाख शिक्षकों और कर्मचारियों को लाभ।
- ₹5 लाख तक कैशलेस चिकित्सा सुविधा।
- ₹1 करोड़ तक दुर्घटना बीमा।
- स्थायी कर्मचारियों को ₹1.60 करोड़ तक एयर एक्सीडेंट कवर।
- एसबीआई के साथ विशेष एमओयू।
- सरकार हर साल लगभग ₹450 करोड़ खर्च करेगी।










