पूर्वांचल राज्य संवाददाता दीपू तिवारी
सोनभद्र दुद्धी स्थित एक निजी अस्पताल पर नवजात शिशु को कथित रूप से रोककर अतिरिक्त रुपये मांगने का आरोप लगा है। पीड़ित पिता का कहना है कि पहले से ₹5,000 जमा होने के बावजूद अस्पताल ने और पैसे मांगे तथा गंभीर हालत में मां को जिला अस्पताल रेफर किए जाने के बाद भी करीब दो घंटे तक नवजात को परिजनों को नहीं सौंपा परिजनों के अनुसार, पत्नी की नाजुक हालत बताने के बावजूद अस्पताल प्रबंधन ने नवजात नहीं दिया। उनका आरोप है कि ग्राम प्रधान के हस्तक्षेप के बाद ही बच्चे को परिजनों के सुपुर्द किया गया। परिवार का यह भी दावा है कि इलाज के बावजूद नवजात की हालत में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ इस मामले में एडिशनल सीएमओ ने बताया कि शिकायत मिलने पर जांच कराई जाएगी। यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो संबंधित अस्पताल के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।










