कानपुर देहात: उत्तर प्रदेश के कानपुर देहात के रूरा थाना क्षेत्र से एक बेहद सनसनीखेज और रूह कँपा देने वाला मामला सामने आया है। यहाँ के रूरा नहर पुल पर मामूली मोलभाव को लेकर फल विक्रेताओं ने एक राहगीर महिला और दो युवकों को सरेआम भद्दी-भद्दी गालियाँ देते हुए बेरहमी से पीट दिया। इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने क्षेत्र में कानून-व्यवस्था और महिला सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
वीडियो वायरल होने और समाज में बढ़ते असंतोष के बाद यूपी पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी समेत दो लोगों को गिरफ्तार कर लिया है।
मामूली मोलभाव पर ‘तालिबानी इंसाफ’
जानकारी के अनुसार, गजनेर थाना क्षेत्र के नंदपुर की रहने वाली श्रीमती पिंकी देवी अपने पति गया प्रसाद और पुत्र कुलदीप के साथ रूरा थाना क्षेत्र के अम्बापुर गांव में अपनी एक रिश्तेदारी में जा रही थीं। सोमवार शाम करीब 4 बजे जब वे रूरा नहर पुल के पास पहुँचे, तो वहाँ दिलशाद नाम के फल विक्रेता की दुकान से आम खरीदने को लेकर उनका मोलभाव शुरू हुआ।
आरोप है कि मामूली सी बात पर विवाद इतना बढ़ गया कि दुकानदार दिलशाद और उसके साथी लवकुश ने आपा खो दिया। इन लोगों ने महिला और उसके साथ मौजूद लड़कों को घेरकर सरेआम लात-थप्पड़ों से पीटना शुरू कर दिया।
भीड़ बनी रही तमाशबीन, बनते रहे वीडियो
इस घटना का सबसे शर्मनाक पहलू यह रहा कि जब बीच सड़क पर महिला के साथ बर्बरता की जा रही थी, तब वहाँ भारी भीड़ मौजूद थी। सड़क पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया, लेकिन किसी भी राहगीर या स्थानीय नागरिक ने पीड़ित महिला को बचाने का प्रयास नहीं किया। लोग तमाशबीन बने रहे और अपने मोबाइल से घटना का वीडियो रिकॉर्ड करते रहे।
अतिक्रमण और फल विक्रेताओं के आतंक से त्रस्त हैं लोग
स्थानीय निवासियों का आरोप है कि रूरा नहर पुल के पास अवैध रूप से ठेले लगाकर किए गए अतिक्रमण के कारण आए दिन भारी जाम लगता है। व्यापारियों के भेष में छिपे कुछ असामाजिक तत्वों का यहाँ आतंक चरम पर है। फलों की खरीद-फरोख्त के दौरान ग्राहकों के साथ गाली-गलौज, नोकझोंक और मारपीट यहाँ आम बात हो चुकी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पुलिस प्रशासन की ढील के कारण ही इन लोगों के हौसले इतने बुलंद हैं।
वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस का ‘तगड़ा एक्शन’
शुरुआत में रूरा थाना पुलिस ने मामले को गंभीरता से न लेते हुए केवल निरोधात्मक कार्रवाई (NCR) दर्ज की थी, जिससे पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे थे। स्थानीय लोगों का मानना है कि अगर वीडियो वायरल न होता, तो शायद यह मामला दब जाता।
पुलिस का आधिकारिक बयान: जैसे ही घटना का ‘रूह कँपा देने वाला वीडियो’ सोशल मीडिया पर वायरल हुआ और समाज में आक्रोश फैला, पुलिस तुरंत हरकत में आई। आज पीड़ित महिला पिंकी देवी और उनके पुत्र ने रूरा थाने में औपचारिक प्रार्थना पत्र दिया, जिसके आधार पर सुसंगत व सख्त धाराओं में अभियोग पंजीकृत किया गया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य नामजद अभियुक्त दिलशाद और उसके साथी लवकुश को गिरफ्तार कर लिया है। अन्य वैधानिक कार्रवाई जारी है।
महिला सुरक्षा के दावों पर उठे सवाल
यह घटना यूपी सरकार और प्रशासन के उन दावों पर गंभीर सवालिया निशान लगाती है, जहाँ महिला सुरक्षा को सर्वोपरि बताया जाता है। स्थानीय जनता की मांग है कि सड़क किनारे अवैध रूप से गुंडागर्दी का अड्डा चला रहे ऐसे अपराधियों पर ऐसी सख्त से सख्त धाराओं में कार्रवाई हो ताकि भविष्य में कोई भी किसी महिला पर हाथ उठाने की हिमाकत न कर सके।









