पूर्वांचल राज्य संवाददाता : धर्मेंद्र कुमार चौधरी / दीपू तिवारी
सोनभद्र कोन विकासखंड की ग्राम पंचायत रामगढ़ अंतर्गत नौडीहा गांव का श्मशान घाट बदहाली का दंश आंसू बाहर है झेल रहा है। करीब दस वर्ष पूर्व निर्मित यह श्मशान घाट वर्तमान में पूरी तरह जर्जर हो चुका है। लंबे समय से रखरखाव और मरम्मत के अभाव में इसकी स्थिति खराब होती चली गई और अब यह केवल नाम मात्र का श्मशान घाट बनकर रह गया है ग्रामीणों का कहना है कि श्मशान घाट की दुर्दशा कई वर्षों से बनी हुई है, लेकिन इसके सुधार की दिशा में अब तक कोई ठोस पहल नहीं की गई। निर्माण के कुछ वर्षों बाद ही इसकी संरचना कमजोर होने लगी थी, जो वर्तमान में ग्रामीणों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई है ग्रामीणों के अनुसार, बरसात के दिनों में श्मशान घाट परिसर में पानी भर जाता है, जिससे अंतिम संस्कार करना बेहद कठिन हो जाता है। मजबूरी में परिजनों को ऊंचे स्थानों या खुले आसमान के नीचे मृतकों का दाह संस्कार करना पड़ता है। शेड और अन्य मूलभूत सुविधाओं के अभाव में बारिश तथा तेज धूप के दौरान लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है ग्रामीणों ने बताया कि यदि श्मशान घाट की मरम्मत कराकर वहां टिन शेड अथवा पक्का छाजन बनवा दिया जाए तो किसी भी मौसम में अंतिम संस्कार की प्रक्रिया सम्मानजनक और सुविधाजनक ढंग से पूरी की जा सकेगी। ग्रामीणों ने कई बार इस समस्या से संबंधित मांग उठाई, लेकिन अभी तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हो सकी है ग्रामीणों ने शासन-प्रशासन एवं जनप्रतिनिधियों से मांग की है कि श्मशान घाट की जर्जर स्थिति का शीघ्र संज्ञान लेकर इसका पुनर्निर्माण या मरम्मत कराई जाए तथा आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं, जिससे लोगों को अंतिम संस्कार जैसे संवेदनशील कार्य के दौरान कठिनाइयों का सामना न करना पड़े।










