चंदौली जिले के धानापुर ब्लॉक के हिंगुत्तरगढ़ गांव से निकलकर अंतरराष्ट्रीय एथलेटिक्स में भारत का नाम रोशन करने वाले जैवलिन खिलाड़ी शिवपाल सिंह आज एक गंभीर आपराधिक मामले में गिरफ्तारी को लेकर चर्चा में हैं। कभी अपनी मेहनत, प्रतिभा और शानदार प्रदर्शन से देश का गौरव बढ़ाने वाले शिवपाल सिंह अब चहनियां मारपीट और लूटकांड में पुलिस कार्रवाई का सामना कर रहे हैं।
शिवपाल सिंह ने वर्षों की कठिन मेहनत के दम पर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी अलग पहचान बनाई। उन्होंने भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए कई प्रतिष्ठित प्रतियोगिताओं में हिस्सा लिया। वर्ष 2019 की एशियन एथलेटिक्स चैंपियनशिप में रजत पदक जीतकर उन्होंने देश को गौरवान्वित किया। उनका व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 86.23 मीटर रहा, जो लंबे समय तक भारतीय जैवलिन के सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शनों में गिना गया। उन्होंने टोक्यो ओलंपिक के लिए भी क्वालीफाई किया और भारतीय वायु सेना में भी अपनी सेवाएं दीं। चंदौली जैसे ग्रामीण जिले से अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचने की उनकी यात्रा हजारों युवाओं के लिए प्रेरणा बनी।
लेकिन समय के साथ उनका करियर विवादों में घिरता चला गया। डोपिंग मामले के बाद खेल जीवन को बड़ा झटका लगा और अब चंदौली के बलुआ थाना क्षेत्र में दर्ज मारपीट और लूट के मामले में उनकी गिरफ्तारी ने सभी को चौंका दिया है।
बलुआ पुलिस के अनुसार, शिवपाल सिंह पुत्र रामाश्रय सिंह, उनके भाई नन्दकिशोर सिंह तथा सुधांशु सिंह उर्फ छोटू को चहनियां चौराहे पर पिकअप चालक के साथ मारपीट और लूट के मामले में गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने आरोपियों के पास से एक अवैध .32 बोर पिस्टल, दो जिंदा कारतूस, 13.945 ग्राम वजनी सोने की चेन, तीन स्मार्टफोन, एक कीपैड मोबाइल और 7,000 रुपये नकद बरामद करने का दावा किया है। पुलिस के अनुसार, 21 जून 2026 को विकास लॉन, चहनियां में आयोजित एक शादी समारोह के दौरान बकाया रुपये के विवाद में राहुल कुमार सोनी के साथ मारपीट कर उसके गले से सोने की चेन छीन ली गई थी। बाद में आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने झाड़ियों से अवैध पिस्टल और लूटी गई चेन बरामद की।
एक समय देश के लिए पदक जीतने वाले खिलाड़ी का इस तरह आपराधिक आरोपों में घिरना खेल जगत और चंदौली के लिए बेहद निराशाजनक माना जा रहा है। हालांकि, यह भी ध्यान रखना आवश्यक है कि पुलिस ने आरोपों के आधार पर गिरफ्तारी की है और मामले में अंतिम निर्णय न्यायालय द्वारा साक्ष्यों के आधार पर दिया जाएगा।
शिवपाल सिंह की कहानी यह बताती है कि प्रतिभा और सफलता इंसान को ऊंचाइयों तक पहुंचा सकती है, लेकिन अनुशासन, कानून का सम्मान और सही निर्णय ही उस सम्मान को लंबे समय तक बनाए रखते हैं।
अर्श से फर्श तक: अंतरराष्ट्रीय जैवलिन खिलाड़ी शिवपाल सिंह की उपलब्धियों से गिरफ्तारी तक का सफर









