अयोध्या। श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने हालिया प्रशासनिक बदलावों के बाद अपनी डिजिटल व्यवस्था को नया स्वरूप देना शुरू कर दिया है। ट्रस्ट में नेतृत्व परिवर्तन के साथ नई वेबसाइट तैयार की जा रही है, जिसमें श्रद्धालुओं के लिए दान, खर्च और ट्रस्ट की गतिविधियों से जुड़ी जानकारी अधिक पारदर्शी तरीके से उपलब्ध कराने की योजना है। यह कदम हाल में सामने आए कथित दान अनियमितता प्रकरण के बाद जवाबदेही और भरोसा मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
वेबसाइट पर क्या बदलेगा?
नई वेबसाइट में ट्रस्ट के वर्तमान पदाधिकारियों और सदस्यों की अद्यतन जानकारी शामिल की जा रही है। हालिया संगठनात्मक बदलावों के बाद पूर्व महासचिव चंपत राय और पूर्व ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा के नाम हटाए गए हैं। ट्रस्ट ने उनके इस्तीफे स्वीकार करने के बाद अंतरिम व्यवस्था लागू की है और नए सीईओ की नियुक्ति की प्रक्रिया भी शुरू की है।
सबसे बड़ा बदलाव वित्तीय पारदर्शिता को लेकर है। नई व्यवस्था के तहत श्रद्धालु दान, विभिन्न मदों में खर्च और आय-व्यय का विवरण डिजिटल माध्यम से देख सकेंगे। इसके साथ ही ऑनलाइन दान, निर्माण कार्यों की प्रगति, धार्मिक आयोजनों और अन्य सूचनाओं के लिए अलग-अलग सेक्शन भी जोड़े जा रहे हैं।
सुरक्षा और निगरानी भी होगी मजबूत
ट्रस्ट ने दान गिनने की प्रक्रिया में भी कई बदलाव किए हैं। रिपोर्टों के अनुसार, क्यूआर-आधारित पहचान पत्र, डिजिटल ट्रैकिंग और निगरानी व्यवस्था को मजबूत किया जा रहा है ताकि दान प्रबंधन अधिक सुरक्षित और पारदर्शी बन सके।
जांच अभी जारी
कथित दान अनियमितताओं के मामले में जांच जारी है। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गठित एसआईटी की कार्रवाई चल रही है और कई आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जा चुकी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी कहा है कि दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होगी, लेकिन पूरे ट्रस्ट को बदनाम करना उचित नहीं है।










