आम आदमी पार्टी (AAP) के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को लेकर बड़ा बयान दिया है। संजय सिंह ने आरोप लगाया है कि CJP के प्रदर्शन को कमजोर करने के उद्देश्य से राहुल गांधी को प्रधानमंत्री आवास के बाहर धरने पर बैठाया गया।
संजय सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए लिखा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राहुल गांधी को अपने आवास पर धरने पर बैठा दिया, ताकि CJP के आंदोलन का प्रभाव कम किया जा सके। उनके इस बयान के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है।
संसद परिसर में भी किया विरोध प्रदर्शन
इससे पहले संजय सिंह ने विपक्षी सांसदों के साथ मिलकर संसद परिसर में केंद्र सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने सरकार पर कई आरोप लगाए और कहा कि संसद भवन किसी एक पार्टी की संपत्ति नहीं है, बल्कि यह पूरे देश के लोगों का प्रतिनिधित्व करता है। मीडिया से बातचीत के दौरान संजय सिंह ने दिल्ली में छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शन कर रहे छात्रों के साथ बर्बर व्यवहार किया गया और सरकार इस मामले पर चुप है।
सोनम वांगचुक के आंदोलन का किया जिक्र
संजय सिंह ने सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के आंदोलन का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि वांगचुक लंबे समय से अनशन पर बैठे थे, लेकिन सरकार ने उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया।
AAP सांसद ने केंद्र सरकार पर अहंकार का आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार को जनता और छात्रों की आवाज सुननी चाहिए। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में विरोध प्रदर्शन करने वालों की बात को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
राहुल गांधी के धरने पर सियासत तेज
राहुल गांधी ने छात्रों से जुड़े मुद्दों और कथित पेपर लीक मामले को लेकर प्रधानमंत्री आवास के बाहर धरना दिया था। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि छात्रों के भविष्य से जुड़े मामलों पर सरकार को जवाब देना चाहिए और संसद में चर्चा होनी चाहिए।
कांग्रेस ने मांग की है कि पेपर लीक मामले पर सदन में विस्तृत चर्चा कराई जाए और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की जाए। वहीं, विपक्षी दलों ने प्रदर्शन के दौरान छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर भी सवाल उठाए हैं। संजय सिंह के बयान के बाद विपक्षी दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। AAP ने जहां राहुल गांधी के धरने को लेकर सवाल उठाए हैं, वहीं कांग्रेस लगातार केंद्र सरकार पर छात्रों की समस्याओं को नजरअंदाज करने का आरोप लगा रही है। फिलहाल, छात्र प्रदर्शन, पेपर लीक और पुलिस कार्रवाई के मुद्दे पर राजनीतिक माहौल गर्म है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे को लेकर संसद और सड़कों पर विपक्ष का विरोध जारी रहने की संभावना है।










