नई दिल्ली | 21 जुलाई
राष्ट्रीय राजधानी के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का आंदोलन मंगलवार को भी जारी रहा। आंदोलन का नेतृत्व कर रहे CJP संस्थापक अभिजीत दीपके ने स्पष्ट कहा कि अब उनकी ओर से कोई प्रतिनिधि सरकार से बातचीत करने नहीं जाएगा। यदि सरकार बातचीत चाहती है तो उसे स्वयं जंतर-मंतर आना होगा।
संसद मार्च के बाद बदली रणनीति
20 जुलाई को हुए “संसद मार्च” के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हुई झड़प के बाद CJP ने फिलहाल आगे का संसद मार्च स्थगित कर दिया है। संगठन का कहना है कि आंदोलन अब शांतिपूर्ण धरने के रूप में जारी रहेगा और सरकार से ठोस कार्रवाई होने तक प्रदर्शन समाप्त नहीं होगा।
घायलों से माफी, कानूनी मदद का ऐलान
अभिजीत दीपके ने संसद मार्च के दौरान घायल हुए प्रदर्शनकारियों के प्रति खेद जताया और कहा कि जिन लोगों को कानूनी सहायता की आवश्यकता है, उनकी टीम हर संभव मदद करेगी। उन्होंने आंदोलनकारियों से संयम बनाए रखने की भी अपील की।
प्रवक्ता पद से हटाए गए विजेता दाहिया
संसद मार्च के दौरान बर्गर खाते दिखाई देने के बाद CJP ने अपने प्रवक्ता विजेता दाहिया को पद से हटा दिया। इसके बाद दाहिया ने वीडियो जारी कर कहा कि भूख लगने पर खाना खाना कोई अपराध नहीं है।
सोनम वांगचुक मेदांता अस्पताल में
दिल्ली हाईकोर्ट के निर्देश के बाद सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया है। डॉक्टरों की निगरानी में उनका उपचार जारी है। आंदोलनकारियों के अनुसार उनका अनशन अभी भी जारी है, जबकि अस्पताल उनकी स्वास्थ्य स्थिति पर लगातार नजर रखे हुए है।
विपक्षी नेताओं का समर्थन
मंगलवार को कई विपक्षी नेता जंतर-मंतर पहुंचे और आंदोलनकारियों से मुलाकात की। प्रदर्शन स्थल पर दिनभर समर्थकों की आवाजाही बनी रही और संसद मार्च में घायल हुए कई प्रदर्शनकारी भी धरने में शामिल हुए।
सरकार का रुख
उधर NDA संसदीय दल की बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि पेपर लीक जैसे मामलों पर राजनीति नहीं होनी चाहिए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। दूसरी ओर CJP शिक्षा व्यवस्था में सुधार और अपनी अन्य मांगों पर ठोस निर्णय की मांग पर कायम है।










