गाजियाबाद (उत्तर प्रदेश)।
गाजियाबाद के थाना क्रॉसिंग रिपब्लिक अंतर्गत वीर नगर में 20 जुलाई की रात हुए खौफनाक डबल मर्डर केस में बड़ा अपडेट सामने आया है। अपने ही सगे मां-बाप की लाठी-डंडों, लात-घूंसों और तौलिए से गला घोंटकर हत्या करने वाले दोनों कलयुगी बेटों दीपक (25) और ललित (27) को पुलिस ने गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।
हैरानी की बात यह है कि पुलिस पूछताछ के दौरान दोनों आरोपियों के चेहरे पर अपने किए का कोई पछतावा नजर नहीं आया।
‘पत्नी छोड़कर चली गई, रोज मिलते थे ताने’
पुलिस पूछताछ में सामने आया कि दोनों भाई शराब पीने के आदी थे और अक्सर अपनी पत्नियों से मारपीट करते थे। इसी विवाद के चलते दोनों की पत्नियां काफी समय पहले अपने मायके चली गई थीं।
दीपक ने पूर्व में अपनी कार ड्राइविंग की नौकरी छोड़ दी थी और हाल ही में एक फैक्ट्री में मजदूरी शुरू की थी, जबकि ललित एक डॉक्टर के पास ड्राइवर का काम करता था। पत्नियों के जाने और बेरोजगारी को लेकर घर में रोजाना विवाद होता था। आरोपियों ने बताया कि उनकी पत्नियां ताने देती थीं और मां-बाप संपत्ति का बंटवारा करने से इनकार कर रहे थे, जिससे उपजे गुस्से में उन्होंने इस वारदात को अंजाम दिया।
बर्थडे पर कराया था कीर्तन… रात को ही दी खौफनाक मौत
मृतक गंगाशरण डेयरी का कारोबार चलाते थे। घटना वाली रात बड़े बेटे के जन्मदिन के मौके पर घर में कीर्तन का आयोजन किया गया था। लेकिन कीर्तन खत्म होने के कुछ ही घंटों बाद, रात करीब 11 बजे दोनों बेटों ने जायदाद के बंटवारे को लेकर अपने पिता से फिर झगड़ा शुरू कर दिया।
जब पिता गंगाशरण और मां विमलेश ने मना किया, तो दोनों बेटों ने आपा खो दिया। दीपक ने अपने माता-पिता को बेरहमी से पीटना शुरू किया, जबकि ललित मूकदर्शक बना रहा और मदद करता रहा। सिर पर हमला करने और तौलिए से गला घोंटने के कारण दोनों लहूलुहान होकर वहीं गिर पड़े।
किरायेदार की कॉल पर पहुंची पुलिस, खून से लथपथ मिले शव
घर की पहली मंजिल पर रहने वाले किरायेदार ने जब नीचे से चीखने-चिल्लाने और रोने की आवाजें सुनीं, तो उसने तुरंत Dial-112 पर पुलिस को सूचना दी।
“मकान मालिक के घर में भारी मारपीट हो रही है, दोनों बेटे चिल्ला रहे हैं और माता-पिता के रोने की आवाजें आ रही हैं।”
— किरायेदार द्वारा पुलिस को दी गई सूचना
सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची तो गंगाशरण और विमलेश फर्श पर अचेत और खून से लथपथ पड़े थे, जबकि दोनों आरोपी बेटे पास ही खड़े थे। पुलिस ने तुरंत दोनों घायलों को अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
प्रशासन और पुलिस का बयान
डीसीपी रूरल सुरेंद्र नाथ तिवारी ने बताया:
“संपत्ति विवाद और पारिवारिक कलह को लेकर दोनों बेटों ने अपने माता-पिता के साथ बेरहमी से मारपीट की, जिससे उनकी मौत हो गई। मृतका की बेटी की तहरीर पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103 (हत्या) के तहत मामला दर्ज कर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।”









