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गुरु पूर्णिमा पर क्रिया कुटी आश्रम में उमड़ा आस्था का सैलाब, श्रद्धालुओं ने लिया गुरु का आशीर्वाद

पूर्वांचल राज्य संवाददाता : दीपू तिवारी /पंकज शुक्ला

सोनभद्र/रेणुकूट। खाड़पाथर स्थित क्रिया कुटी आश्रम में बुधवार को आध्यात्म जगत के सबसे पवित्र पर्व गुरु पूर्णिमा का आयोजन श्रद्धा, भक्ति एवं उल्लास के साथ संपन्न हुआ। कार्यक्रम अघोर गुरु पीठ ब्रह्म निष्ठालय, बनौरा (रायगढ़, छत्तीसगढ़) के अधिष्ठाता परम पूज्य औघड़ संत बाबा प्रियदर्शी राम जी के पावन निर्देशन में आयोजित किया गया। इस अवसर पर रेणुकूट सहित आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु अपने परिवार के साथ आश्रम पहुंचे और गुरु पूजन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। प्रातः 8:00 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक आश्रम परिसर पूरी तरह भक्तिमय वातावरण में डूबा रहा। कार्यक्रम का शुभारंभ श्री गुरुचरण पादुका पूजन से हुआ। इसके पश्चात सफल योनि पाठ, अघोर गुरु गीता पाठ, आरती एवं भजन-कीर्तन का आयोजन किया गया। धार्मिक अनुष्ठानों के उपरांत सभी श्रद्धालुओं को घुघुरी एवं हलुआ का प्रसाद वितरित किया गया।
इस अवसर पर संतों ने परम पूज्य अघोरेश्वर महाप्रभु के आशीर्वचनों का स्मरण करते हुए कहा कि गुरु पूर्णिमा का पर्व गुरु के प्रति श्रद्धा, समर्पण एवं कृतज्ञता प्रकट करने का सर्वोत्तम अवसर है। उन्होंने कहा कि गुरु अपने शिष्यों पर माँ के समान स्नेह, करुणा एवं आशीर्वाद की वर्षा करते हैं। गुरु के पावन दर्शन और कृपा से साधकों के जीवन में आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार होता है तथा उनके जीवन की बाधाएँ दूर होकर मनोकामनाओं की पूर्ति का मार्ग प्रशस्त होता है।
पूरे आयोजन के दौरान आश्रम परिसर “गुरु कृपा ही केवलम्” के जयघोष से गूंजता रहा। भजन-कीर्तन, गुरु वंदना और आध्यात्मिक वातावरण ने श्रद्धालुओं को भाव-विभोर कर दिया। श्रद्धालुओं ने गुरु चरणों में नमन कर सुख, शांति एवं समृद्धि की कामना की।
इस धार्मिक आयोजन को सफल बनाने में क्रिया कुटी आश्रम के व्यवस्थापक मंडल, सेवादारों एवं श्रद्धालुओं का विशेष योगदान रहा। उपस्थित श्रद्धालुओं ने आयोजन की भव्यता, अनुशासित व्यवस्था एवं आध्यात्मिक वातावरण की सराहना करते हुए इसे गुरु-शिष्य परंपरा को सशक्त बनाने वाला प्रेरणादायक आयोजन बताया।

“गुरुर्ब्रह्मा गुरुर्विष्णु गुरुर्देवो महेश्वरः।
गुरुः साक्षात् परब्रह्म तस्मै श्री गुरवे नमः।”

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