पूर्वांचल राज्य ब्यूरो
गोरखपुर. गोला थाना क्षेत्र के फल्तेपुर गांव में नाबालिग रितेश यादव पर हुए कथित जानलेवा हमले के मामले में चार्जशीट से दो आरोपितों के नाम हटाने की शिकायत सामने आई है। पीड़ित की मां पानमती पत्नी धर्मेंद्र ने क्षेत्राधिकारी गोला कार्यालय के पेशकार दिनेश सिंह की भूमिका को लेकर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक गोरखपुर से शिकायत की है। मामले को गंभीरता से लेते हुए एसएसपी ने जांच के आदेश दिए हैं।
पानमती ने अपनी शिकायत में बताया कि बीते 13 जून को गांव के चौराहे पर उनके नाबालिग पुत्र रितेश यादव के साथ गुड्डी देवी, उसके पुत्र आर्यन यादव व आदित्य यादव, धीरज यादव, शुभम यादव, रामप्रवेश उर्फ प्रवेश यादव और कौशल यादव ने लोहे की पाइप, रॉड तथा लाठी-डंडों से हमला किया था। हमले में रितेश गंभीर रूप से घायल हुआ। उसके जबड़े में गंभीर चोट आई और सिर में चोट लगने पर टांके लगाए गए। हालत गंभीर होने पर उसे गोरखपुर से लखनऊ तक उपचार के लिए ले जाना पड़ा। पानमती की शिकायत के अनुसार मामले में बीएनएस की विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज हुआ था। गंभीर चोट के बाद धारा 109 बीएनएस की भी बढ़ोतरी की गई। मामले में धीरज यादव और कौशल यादव की जमानत जिला एवं सत्र न्यायालय गोरखपुर से 2 जुलाई को खारिज हो चुकी है। विवेचक ने 31 जुलाई को घायल रितेश का उसके घर पहुंचकर बयान दर्ज किया था। इसके बाद विवेचना पूरी कर चार्जशीट क्षेत्राधिकारी गोला कार्यालय भेजी गई।
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दिनेश सिंह पर नाम हटाने के लिए दोबारा बयान कराने की शिकायत……
पानमती ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को दी शिकायत में क्षेत्राधिकारी गोला कार्यालय के पेशकार दिनेश सिंह की शिकायत करते हुए कहा है कि चार्जशीट से शुभम यादव और रामप्रवेश उर्फ प्रवेश यादव के नाम हटाने के लिए घायल रितेश को दोबारा बयान दर्ज कराने के लिए पेशकार के द्वारा कार्यालय बुलाया जा रहा है। शिकायत में यह भी कहा गया है कि मामले की जानकारी क्षेत्राधिकारी को न देने की बात कही जा रही है। हालांकि इन शिकायतों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। पानमती ने यह भी शिकायत की है कि आरोपित पक्ष की ओर से उन्हें और उनके पुत्रों को धमकियां दी जा रही हैं। समझौता नहीं करने पर फर्जी मुकदमे में फंसाने की धमकी दिए जाने की भी शिकायत की गई है। उन्होंने अपने दोनों पुत्रों की सुरक्षा को लेकर आशंका जताई है। पीड़िता ने एसएसपी से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, चार्जशीट में शामिल सभी आरोपितों के नाम बिना किसी दबाव के न्यायालय भेजने तथा परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित कराने की मांग की है। एसएसपी द्वारा जांच के आदेश दिए जाने के बाद अब जांच की रिपोर्ट पर कार्रवाई निर्भर करेगी।










