पूर्वांचल राज्य संवाददाता : दीपु तिवारी
पिपरी (सोनभद्र)। लगातार हो रही बारिश का असर रिहंद जलाशय पर भी दिखाई देने लगा है। कैचमेंट क्षेत्र में अच्छी बारिश के चलते रिहंद बांध के जलस्तर में तेजी से सुधार हो रहा है। मंगलवार को जलस्तर 857.5 फीट दर्ज किया गया, जो पिछले 24 घंटे की तुलना में करीब 1.5 फीट अधिक है रिहंद बांध का निर्धारित अधिकतम जलस्तर 870 फीट है। वर्तमान में जलस्तर अधिकतम सीमा से करीब 12.5 फीट नीचे है। जुलाई में अपेक्षाकृत कम बारिश होने के कारण जलाशय का स्तर काफी नीचे चला गया था। 30 जुलाई को जलस्तर 845.7 फीट दर्ज किया गया था। इसके बाद अगस्त में हुई बारिश से जलस्तर में लगभग 12 फीट की उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। रिहंद बांध के अधिशासी अभियंता शशिकांत राय ने बताया कि परियोजना की सभी छह टरबाइन चालू हालत में उपलब्ध हैं। विद्युत उत्पादन का संचालन लखनऊ स्थित शक्ति भवन से मिलने वाली मांग के आधार पर किया जा रहा है। मांग के अनुसार दो से चार टरबाइन संचालित कर बिजली का उत्पादन किया जा रहा है।
अधिशासी अभियंता ने बताया कि जलाशय में पानी की आवक अभी भी बनी हुई है। बारिश आगे भी जारी रहने पर जलस्तर में और वृद्धि होने की संभावना है। जलस्तर में सुधार से रिहंद परियोजना के साथ ही आसपास की औद्योगिक इकाइयों को भी राहत मिली है। रिहंद जलाशय क्षेत्र में विद्युत उत्पादन के अलावा विभिन्न औद्योगिक परियोजनाओं की जल आवश्यकताओं को पूरा करने का प्रमुख स्रोत है। आसपास की औद्योगिक कॉलोनियों में भी जलापूर्ति इसी जलाशय से की जाती है। इसलिए जलाशय में पर्याप्त पानी का होना क्षेत्र की औद्योगिक गतिविधियों के संचालन के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है।
फिलहाल बांध प्रबंधन लगातार जलाशय में हो रही पानी की आवक, जलस्तर और मौसम की स्थिति पर नजर बनाए हुए है। आने वाले दिनों में बारिश की स्थिति रिहंद बांध के जलस्तर की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएगी।










