राजीव शंकर चतुर्वेदी
पूर्वांचल राज्य ब्यूरो
बलिया। बलिया बलिदान दिवस के गौरवशाली अवसर पर परंपरानुसार जिला जेल परिसर से भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। सेनानी आश्रितों के साथ प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय एवं जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष उमाशंकर पाठक के जेल परिसर से बाहर निकलते ही माहौल राष्ट्रभक्ति के नारों से गूंज उठा। जेल का फाटक खुलते ही “जेल का फाटक टूटेगा, चित्तू पाण्डेय छूटेगा”, “वीर सेनानी अमर रहें” तथा “बागी बलिया जिंदाबाद” के नारों से पूरा वातावरण देशभक्तिमय हो गया।
जिला जेल से प्रस्थान करने के पश्चात प्रदेश अध्यक्ष अजय राय और जिलाध्यक्ष उमाशंकर पाठक ने सेनानी आश्रितों के साथ वीर सेनानी राजकुमार बाघ, वीर कुंवर सिंह, रामदहिन ओझा, शेर-ए-बलिया चित्तू पाण्डेय, उमाशंकर सोनार और राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके बाद बापू भवन टाउन हॉल में आयोजित मुख्य समारोह में प्रदेश अध्यक्ष ने स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के आश्रितों को सम्मानित किया। समारोह को संबोधित करते हुए कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने भारतीय जनता पार्टी की सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के त्याग और संघर्ष को उचित सम्मान देने के बजाय उनकी उपेक्षा और अपमान करने का काम कर रही है। तिरंगा यात्रा पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि भाजपा और आरएसएस के लिए यह सिर्फ राजनीतिक मार्केटिंग का जरिया बन चुका है। जो लोग कभी अपने कार्यालयों पर तिरंगा नहीं फहराते थे, वे आज इसकी यात्रा निकाल रहे हैं। इसके साथ ही उन्होंने राम मंदिर चंदे से जुड़े मुद्दों को लेकर भी सरकार को घेरा। कार्यक्रम में जिला कांग्रेस अध्यक्ष उमाशंकर पाठक ने बलिया के ऐतिहासिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि 1942 की अगस्त क्रांति में इसी पावन धरती से सेनानियों ने आजादी का बिगुल फूंका था। वर्षों से चली आ रही परंपरा के तहत ही जिला जेल से टाउन हॉल तक सेनानी आश्रितों के साथ यह आयोजन किया जाता है। उन्होंने मंत्री एवं भाजपा नेताओं के टाउन इंटर कॉलेज चौराहे से वापस लौट जाने को दुर्भाग्यपूर्ण करार देते हुए कहा कि यह अमर सेनानियों के सम्मान से जुड़ा विषय है और बलिया की इस ऐतिहासिक परंपरा का सम्मान होना चाहिए। इस अवसर पर सच्चिदानंद तिवारी, राघवेंद्र सिंह, विजय मिश्र, जैनेन्द्र पाण्डेय मिंटू, पुनीत पाठक, ओम प्रकाश तिवारी, ब्रजेश सिंह, अबुल फैज़, सत्य प्रकाश उपाध्याय मुन्ना, मयंक राय, ऊषा सिंह, अनुपमा सिंह, रीना गोंड, शीला मिश्रा, विजय ओझा, सागर सिंह राहुल, सिद्धनाथ तिवारी, रुपेश चौबे, हीरा राम, राजेश राय, अमरनाथ, वंश बहादुर, अंजनी राम, गिरीश कान्त गांधी, राहुल चौबे, यश मिश्रा बंटी, पारसनाथ, खजांची राय, संग्राम तिवारी, रितेश सिंह राकेश, अरुण कुमार सर, तेज बहादुर, शशिकांत मिश्रा, आशुतोष चौबे, अंजनी चौबे, रामाशंकर यादव, अखिलेश कन्नौजिया, मैनेजर राम, शुभम उपाध्याय, अनुभव तिवारी सहित बड़ी संख्या में कांग्रेसजन एवं सेनानी आश्रित उपस्थित रहे। कार्यक्रम का सफल संचालन संतोष चौबे ने किया।
जेल का फाटक खुलते ही गूंजे ‘चित्तू पाण्डेय छूटेंगे’ के नारे, सेनानियों को दी गई भावभीनी श्रद्धांजलि









