राजीव शंकर चतुर्वेदी
पूर्वांचल राज्य ब्यूरो
बलिया। जनपद के वरिष्ठ कोषाधिकारी आनंद दुबे की संबद्धता निरस्त करने की मांग को लेकर पिछले करीब तीन हफ्तों से मौन धरने पर बैठे बुजुर्ग पेंशनर्स का आंदोलन सोमवार को समाप्त हो गया। पूर्व मंत्री राजधानी सिंह धरना स्थल पर पहुंचे और बुजुर्ग पेंशनर्स को जूस पिलाकर उनका मौन धरना समाप्त कराया। यह मौन धरना बलिया ही नहीं, बल्कि प्रदेश स्तर पर भी चर्चा का विषय बना हुआ था। पूर्व मंत्री राजधानी सिंह ने पेंशनर्स की मांग को गंभीरता से लेते हुए परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह से वार्ता की। इसके बाद वह स्वयं धरना स्थल पहुंचे और पेंशनर्स से बातचीत कर उन्हें आंदोलन समाप्त करने के लिए आश्वस्त किया। धरना स्थल पहुंचने पर पेंशनर्स ने पूर्व मंत्री का फूल-मालाओं से स्वागत किया। पेंशनर्स ने कहा कि राजधारी सिंह एक सुलझे हुए और समावेशी राजनीति के प्रतीक हैं। उन्होंने वरिष्ठ कोषाधिकारी आनंद दुबे की संबद्धता निरस्त कराने के लिए परिवहन मंत्री से हुई वार्ता और मिले आश्वासन पर भरोसा जताते हुए कहा कि दो से तीन दिनों के भीतर संबद्धता निरस्त होने की उम्मीद है। पूर्व मंत्री ने कहा कि बुजुर्ग हमारे लिए शिरोधार्य और सम्माननीय हैं। उनका आशीर्वचन हम सभी के लिए प्रेरणा है। उन्होंने कहा कि वरिष्ठ पेंशनर्स की मांग को गंभीरता से लिया जाना चाहिए और उनका सम्मान हर स्थिति में कायम रहना चाहिए। उन्होंने आनंद दुबे की कार्यशैली की भी सराहना की और विश्वास जताया कि उनकी संबद्धता जल्द निरस्त होगी। जूस पिलाकर मौन धरना समाप्त कराए जाने के बाद बुजुर्ग पेंशनर्स ने पूर्व मंत्री का आभार जताया। पेंशनर्स ने उम्मीद जताई कि मंत्री स्तर से मिले आश्वासन के अनुसार जल्द ही वरिष्ठ कोषाधिकारी आनंद दुबे की संबद्धता निरस्त कर उन्हें बलिया में वापस तैनात किया जाएगा।
बुजुर्ग पेंशनर्स का धरना समाप्त पूर्व मंत्री ने पिलाया जूस, वरिष्ठ कोषाधिकारी के वापसी का मिला आश्वासन










