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मारपीट में पिता-पुत्र का सिर फूटा, मकान पर लगाया ताला; कार्रवाई न होने का आरोप, सीओ से लगाई गुहार

पूर्वांचल राज्य ब्यूरो

गोरखपुर. पुरानी रंजिश को लेकर घर पर चढ़कर मारपीट करने, पिता-पुत्र को घायल करने और मकान के मुख्य गेट पर जबरन ताला लगाने का मामला सामने आया है। पीड़ित ने स्थानीय पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए गुरुवार को क्षेत्राधिकारी बांसगांव को प्रार्थना पत्र देकर कार्रवाई की मांग की है। पीड़ित का कहना है कि मुकदमा दर्ज होने के बावजूद न तो उसका और न ही उसके घायल पुत्र का अब तक चिकित्सकीय परीक्षण कराया गया और आरोपी खुलेआम घूम रहे हैं।

गगहा थाना क्षेत्र के महुराई (सिंघला) निवासी हरिगोविंद यादव पुत्र महावली ने क्षेत्राधिकारी को दिए प्रार्थना पत्र में बताया कि 11 सितंबर 2026 को सुबह करीब 10 बजे पुरानी रंजिश को लेकर उसके पट्टीदार अमित व संदीप पुत्रगण बलवंत यादव, सत्यम यादव पुत्र श्रीकांत यादव, माया देवी पत्नी बलवंत तथा कुछ अज्ञात लोग उसके दरवाजे पर पहुंचे। आरोप है कि आरोपितों ने गाली-गलौज शुरू कर दी और विरोध करने पर हरिगोविंद यादव तथा उनके पुत्र सूरज यादव के साथ मारपीट की।

पीड़ित के मुताबिक मारपीट में उसका सिर फट गया, जबकि उसके पुत्र सूरज यादव को भी गंभीर चोटें आईं। आरोप है कि घटना के दौरान आरोपितों ने उसके मकान के मुख्य गेट पर जबरन ताला लगा दिया। घटना के संबंध में पुलिस ने संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है, लेकिन पीड़ित का आरोप है कि मुकदमा दर्ज होने के बाद भी पुलिस ने घायल पिता-पुत्र का मेडिकल परीक्षण नहीं कराया।

###मेडिकल न होने और आरोपियों के खुले घूमने का आरोप

प्रार्थना पत्र में हरिगोविंद यादव ने आरोप लगाया है कि घटना के बाद से आरोपी खुलेआम घूम रहे हैं और उसे तथा उसके पुत्र को जान से मारने की धमकी दे रहे हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उनके मकान पर जबरन कब्जा कर लिया गया है और स्थानीय स्तर पर शिकायत के बावजूद प्रभावी कार्रवाई नहीं हो रही है।

पीड़ित ने क्षेत्राधिकारी से मामले को गंभीरता से लेते हुए घायल पिता-पुत्र का चिकित्सकीय परीक्षण कराने, मकान के गेट पर लगाए गए ताले को खुलवाने तथा आरोपितों के खिलाफ नियमानुसार कठोर कार्रवाई कराने के लिए एसओ गगहा को निर्देशित करने की मांग की है।

पीड़ित ने अपने प्रार्थना पत्र में आशंका जताई है कि यदि उसके या उसके पुत्र अथवा परिवार के किसी सदस्य के साथ भविष्य में कोई अप्रिय घटना होती है तो इसके लिए आरोपित जिम्मेदार होंगे।

गुरुवार को दिए गए इस प्रार्थना पत्र के बाद अब देखना होगा कि क्षेत्राधिकारी स्तर से मामले में क्या कार्रवाई होती है। मुकदमा दर्ज होने के बावजूद घायल पक्ष के मेडिकल परीक्षण, मकान पर लगाए गए ताले और कथित धमकियों को लेकर गगहा पुलिस पर गंभीर सवाल उठे है।

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