लखनऊ | 17 सितंबर 2026
लखनऊ के बहुचर्चित विवेक तिवारी हत्याकांड में करीब आठ साल बाद अदालत ने फैसला सुना दिया है जिला एवं सत्र अदालत ने पुलिसकर्मी प्रशांत चौधरी को गैर इरादतन हत्या के मामले में दोषी ठहराया है, जबकि दूसरे आरोपी सिपाही संदीप कुमार को बरी कर दिया गया है प्रशांत चौधरी की सजा की अवधि पर अदालत 21 सितंबर 2026 को फैसला सुनाएगी
धारा 302 नहीं, 304(2) में दोषसिद्धि
अदालत ने प्रशांत चौधरी को भारतीय दंड संहिता की धारा 304(2) के तहत दोषी माना है मामले में शुरुआत में हत्या से जुड़ी धारा 302 के तहत मुकदमा दर्ज हुआ था, लेकिन सुनवाई और साक्ष्यों पर विचार के बाद अदालत ने गैर इरादतन हत्या के तहत दोषसिद्धि की है संदीप कुमार को पर्याप्त साक्ष्य के अभाव में बरी किया गया है
2018 में हुई थी विवेक तिवारी की मौत
यह मामला सितंबर 2018 की रात का है एप्पल कंपनी में एरिया सेल्स मैनेजर विवेक तिवारी अपनी कार से लौट रहे थे और उनके साथ उनकी सहकर्मी सना सिद्दीकी मौजूद थीं गोमतीनगर विस्तार के मकदूमपुर इलाके में गश्त कर रहे पुलिसकर्मियों प्रशांत चौधरी और संदीप कुमार ने उनकी कार को रोकने का प्रयास किया था
अदालत में सामने आए मामले के मुताबिक, वाहन के नहीं रुकने के बाद घटनाक्रम आगे बढ़ा और प्रशांत चौधरी की ओर से गोली चलाए जाने की बात सामने आई गोली लगने के बाद विवेक तिवारी की कार दुर्घटनाग्रस्त हुई और अस्पताल में उनकी मौत हो गई
जांच के लिए गठित हुई थी SIT
घटना के बाद दोनों पुलिसकर्मियों को गिरफ्तार किया गया था और मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल यानी SIT गठित की गई थी इसके बाद मामले में चार्जशीट दाखिल हुई और गवाहों तथा अन्य साक्ष्यों के आधार पर लंबे समय तक अदालत में सुनवाई चली
अदालत में अभियोजन पक्ष के कई गवाहों के बयान दर्ज हुए विवेक तिवारी की पत्नी कल्पना तिवारी और घटना के समय उनके साथ मौजूद सहकर्मी सना सिद्दीकी भी मामले की सुनवाई में महत्वपूर्ण गवाहों में शामिल रहीं
पत्नी कल्पना तिवारी ने जताया असंतोष
फैसले के बाद विवेक तिवारी की पत्नी कल्पना तिवारी ने अदालत के निर्णय पर असंतोष जताया मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक उन्होंने कहा कि परिवार इस फैसले से संतुष्ट नहीं है और वह ऊपरी अदालत का रुख करेंगी
संदीप कुमार के बरी होने को लेकर भी परिवार की ओर से सवाल उठाए गए हैं कल्पना तिवारी ने दोनों पुलिसकर्मियों की भूमिका को लेकर अपनी आपत्ति जाहिर की है हालांकि अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर संदीप कुमार को बरी किया है
21 सितंबर को तय होगी प्रशांत चौधरी की सजा
17 सितंबर के फैसले के बाद अब इस मामले में अगली महत्वपूर्ण तारीख 21 सितंबर है इसी दिन अदालत दोषी ठहराए गए प्रशांत चौधरी की सजा पर फैसला करेगी
इस तरह आठ साल पुराने इस चर्चित मामले में ट्रायल कोर्ट का फैसला सामने आ चुका है, लेकिन दोषी की सजा और परिवार की संभावित अपील के चलते कानूनी प्रक्रिया आगे भी जारी रह सकती है










