चंदौली जिले के धानापुर विकासखंड के पूरा चेता दुबे गांव में खुशी का माहौल है। यहां के निवासी शहीद कुलदीप मौर्य के छोटे बेटे संगम मौर्य का एमबीबीएस में चयन हो गया है। एमबीबीएस में एडमिशन के बाद पहली बार गांव आने पर ग्रामीणों ने उनका जोरदार स्वागत किया।
शहीद कुलदीप मौर्य जम्मू-कश्मीर के राजौरी सेक्टर में तैनात थे। वह 6 सितंबर 2020 को देश के लिए शहीद हो गए थे। पिता के शहीद होने के बाद संगम के सिर से पिता का साया उठ गया था।
इसके बावजूद संगम ने लगातार मेहनत की और एमबीबीएस में दाखिला पाया है। इससे पूरे क्षेत्र में खुशी का माहौल है। ग्रामीणों ने बताया कि पिता का साया उठने के बाद भी संगम ने अपनी पढ़ाई पर पूरा ध्यान दिया और पक्का इरादा कर लिया था।
बचपन से ही संगम पढ़ाई में काफी तेज हैं, लेकिन पिता के शहीद होने के बाद वह काफी निराश हो गए थे। हालांकि, उनकी मां ममता देवी ने दोनों बच्चों को पढ़ाने के लिए लगातार प्रोत्साहित किया।
संगम को आरएनटी मेडिकल कॉलेज, उदयपुर, राजस्थान में एडमिशन मिला है। उन्होंने नीट में 65000 रैंक हासिल की है। उनकी यह उपलब्धि गांव के मेधावी बच्चों के लिए प्रेरणा का स्रोत मानी जा रही है।
कार्यक्रम में मौजूद बसपा नेता स्वतंत्र प्रकाश दुबे ने कहा कि देश के लिए कुर्बानी देने वाले शहीद कुलदीप मौर्य के बेटे संगम मौर्य का एमबीबीएस में चयन होने के बाद यह खुशी देखने को मिल रही है। एक तरफ पिता देश के लिए शहीद हुए, वहीं बेटे ने अपनी कड़ी मेहनत से यह सफलता पाई है। यह गांव के लिए एक बड़ी उपलब्धि है।
इस मौके पर प्रदीप, दिलीप, अनिल, अरविंद, राहुल मौर्य, सचिन मौर्य, महेंद्र राम प्रधान, अलख निरंजन दुबे, सच्चिदानंद, प्रेमचंद मौर्य, सुनील मौर्य, महेंद्र यादव, राकेश मौर्य, दिनेश मौर्य, डॉ. रामाशीष यादव, डॉ. दिनेश यादव, अवधेश मौर्य, संतोष मौर्य, सतीश, ममता देवी, अंजनी देवी, लीलावती देवी, अनामिका मौर्या और राजू यादव सहित कई लोग मौजूद रहे।










