कानपुर। कल्याणपुर के नए शिवली रोड स्थित एहसास हॉस्पिटल से जुड़ा एक मामला सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है। अस्पताल में वार्डबॉय के रूप में कार्यरत बताए जा रहे कृष्ण मोहन के नाम से दो पोस्टर सोशल मीडिया पर वायरल हुए हैं। इन पोस्टरों में उन्हें MBBS चिकित्सक और ICU स्पेशलिस्ट के रूप में प्रदर्शित किया गया है।
पोस्टर वायरल होने के बाद मचा हड़कंप
शनिवार देर रात सोशल मीडिया पर सामने आए पोस्टरों में कृष्ण मोहन के नाम के साथ चिकित्सक और ICU स्पेशलिस्ट के तौर पर परिचय दिया गया था। पोस्टर में एहसास हॉस्पिटल की चिकित्सा सुविधाओं का प्रचार भी किया गया था। इसके बाद सोशल मीडिया पर इस दावे को लेकर सवाल उठने लगे कि अस्पताल में वार्डबॉय के रूप में काम करने वाले व्यक्ति को पोस्टर में चिकित्सक और ICU स्पेशलिस्ट के रूप में क्यों प्रदर्शित किया गया
कृष्ण मोहन ने बताई पोस्टर शेयर होने की वजह
मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक कृष्ण मोहन ने पोस्टर को लेकर सफाई देते हुए कहा कि यह गलती से सोशल मीडिया पर शेयर हो गया था। हालांकि, पोस्टर किसने तैयार किया और उसमें MBBS तथा ICU स्पेशलिस्ट होने का दावा किस आधार पर किया गया, इस पर अभी स्थिति स्पष्ट नहीं है।
अस्पताल प्रबंधन का पक्ष सामने नहीं आया
मामले में अस्पताल संचालक योगेंद्र यादव से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनका पक्ष सामने नहीं आ सका। ऐसे में अस्पताल प्रबंधन की भूमिका को लेकर उठ रहे सवालों पर फिलहाल कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण उपलब्ध नहीं है।
चिकित्सकीय योग्यता की आधिकारिक पुष्टि का इंतजार
सबसे अहम सवाल कृष्ण मोहन की वास्तविक चिकित्सकीय योग्यता को लेकर है। उपलब्ध रिपोर्टों में उनके MBBS डॉक्टर या ICU स्पेशलिस्ट होने की स्वतंत्र आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है। इसलिए वायरल पोस्टर में किए गए दावों को फिलहाल दावा ही माना जाना चाहिए
मामले में स्वास्थ्य विभाग या अन्य सक्षम प्राधिकारी की जांच अथवा आधिकारिक कार्रवाई की जानकारी सामने आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि पोस्टर में दर्ज चिकित्सकीय योग्यता का दावा सही था या नहीं
मरीजों की सुरक्षा से जुड़ा गंभीर सवाल
चिकित्सकीय योग्यता से जुड़े किसी भी गलत दावे की स्थिति में मामला केवल सोशल मीडिया पोस्ट तक सीमित नहीं रहता, क्योंकि मरीज और उनके परिजन डॉक्टर की योग्यता और विशेषज्ञता पर भरोसा करके इलाज कराते हैं
फिलहाल वायरल पोस्टर, कृष्ण मोहन की सफाई और अस्पताल प्रबंधन की प्रतिक्रिया के बीच मामले की आधिकारिक तस्वीर सामने आने का इंतजार है










