बसपा प्रमुख मायावती ने परिवार के भीतर पार्टी की जिम्मेदारियों को लेकर एक बार फिर बड़ा बदलाव किया है। उन्होंने आकाश आनंद और उनकी बहन दीपिका आनंद को संगठन में कोई जिम्मेदारी नहीं देने की बात कही है। वहीं, आनंद कुमार के परिवार से ईशान आनंद को पार्टी में सम्मानजनक जिम्मेदारी देकर आगे बढ़ाने का फैसला किया है।
मायावती ने एक बार फिर बसपा में परिवार की भूमिका को लेकर अपना रुख स्पष्ट किया है। पार्टी प्रमुख ने कहा है कि आकाश आनंद और उनकी बहन दीपिका आनंद को अब संगठन में कोई जिम्मेदारी नहीं दी जाएगी। इसके बजाय आनंद कुमार के परिवार से ईशान आनंद को पार्टी में आगे बढ़ाया जाएगा। मायावती ने यह फैसला कई पहलुओं पर विचार करने के बाद लेने की बात कही है।
मायावती ने अपने बयान में कहा कि राजनीति में आगे बढ़ने के लिए परिवार और करीबी रिश्तों के मोह से ऊपर उठकर संगठन और समाज के लिए पूरी निष्ठा से काम करना जरूरी है। उन्होंने बसपा संस्थापक कांशीराम के उदाहरण का भी उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने अपने करीबी रिश्तेदारों को राजनीतिक लाभ से दूर रखा था। मायावती ने भी इसी सिद्धांत पर आगे बढ़ने की बात कही।
आकाश आनंद को लेकर मायावती ने अपना रुख बदलने से इनकार किया है। उन्होंने कहा कि आकाश को पार्टी में वापस लेने का कोई सवाल नहीं है। उनके मुताबिक, आकाश को दोबारा जिम्मेदारी देना पार्टी के हित के खिलाफ होगा। मायावती ने आकाश के ससुर अशोक सिद्धार्थ को लेकर भी कड़ा रुख अपनाया है। आकाश को पहले पार्टी की महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों से हटाया गया था और बाद में 10 सितंबर को उन्हें पार्टी से अलग कर दिया गया था।
इसके बाद 12 सितंबर को मायावती ने आकाश और ईशान दोनों को पार्टी में राजनीतिक पद नहीं देने की बात कही थी और दीपिका आनंद के लिए भविष्य में जिम्मेदारी की संभावना खुली छोड़ी थी। लेकिन अब उन्होंने दीपिका को भी पार्टी की जिम्मेदारियों से दूर रखने का फैसला किया है। मायावती ने कहा कि शादी के बाद यदि दीपिका का मामला भी आकाश जैसा हो गया तो यह पार्टी के हित में नहीं होगा। इसी संभावना को देखते हुए उन्होंने दीपिका को जिम्मेदारी न देने का फैसला किया है।
अब मायावती ने आनंद कुमार के परिवार से केवल ईशान आनंद को आगे बढ़ाने की बात कही है। हालांकि, उन्होंने ईशान को लेकर भी पूरी तरह स्पष्ट किया है कि उन्हें किसी तरह की पार्टी विरोधी गतिविधि में शामिल होने पर कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा। मायावती ने चेतावनी दी कि यदि ईशान ने गंभीर अनुशासनहीनता की तो उन्हें भी पार्टी से बाहर किया जा सकता है। ऐसी स्थिति में परिवार के किसी अन्य सदस्य को जिम्मेदारी देने के बजाय पार्टी के किसी समर्पित कार्यकर्ता को आगे लाने की बात कही गई है।
मायावती के लगातार बदलते फैसलों से बसपा में नेतृत्व और भविष्य की कमान को लेकर चर्चा तेज हो गई है। कुछ ही दिनों के भीतर आकाश आनंद, ईशान आनंद और दीपिका आनंद को लेकर पार्टी की भूमिका में कई बदलाव देखने को मिले हैं। अब ईशान को परिवार से पार्टी में आगे बढ़ाने का फैसला किया गया है, लेकिन साथ ही उनके लिए अनुशासन की शर्त भी स्पष्ट कर दी गई है।
मायावती ने पार्टी के मौजूदा हालात और आगे की रणनीति पर चर्चा के लिए 23 सितंबर को बसपा की अहम ऑल इंडिया बैठक भी बुलाई है। इस बैठक में संगठन और पार्टी की आगे की दिशा से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होने की उम्मीद है।









