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कनहर परियोजना के लिए विदेश छोड़ पहुंचे अपनी जमीन, लंदन निवासी काश्तकार ने कराया बैनामा

पूर्वांचल राज्य संवाददाता : दीपु तिवारी

सोनभद्र। कनहर सिंचाई परियोजना के कार्यों को आगे बढ़ाने के लिए भूमि बैनामा प्रक्रिया में काश्तकारों का सहयोग सामने आ रहा है। इसी क्रम में लंदन में रह रहे काश्तकार जितेन्द्र कुमार गुप्ता अपनी भूमि का बैनामा कराने विशेष रूप से सोनभद्र पहुंचे। उन्होंने अपने भाई विरेन्द्र कुमार गुप्ता के साथ सिंचाई विभाग के पक्ष में भूमि का विधिवत बैनामा कराया।जितेन्द्र कुमार गुप्ता लंदन से सोनभद्र पहुंचे, जबकि उनके भाई विरेन्द्र कुमार गुप्ता दिल्ली से यहां आए। दोनों भाइयों ने कनहर सिंचाई परियोजना के अंतर्गत खरौंधी माइनर के निर्माण के महत्व को देखते हुए भूमि बैनामा प्रक्रिया पूरी कराई। बैनामे से संबंधित व्यक्तिगत खर्च भी उनके द्वारा स्वयं वहन किया गया। जितेन्द्र कुमार गुप्ता और विरेन्द्र कुमार गुप्ता ने कहा कि भारत कृषि प्रधान देश है और मानसून की अनिश्चितता के बीच किसानों के लिए सिंचाई के स्थायी साधन बेहद जरूरी हैं। कनहर परियोजना के माध्यम से नहरों और माइनरों का निर्माण होने से किसानों के खेतों तक सिंचाई का पानी पहुंचाने में सुविधा होगी। इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए उन्होंने परियोजना के कार्य में सहयोग किया। खरौंधी माइनर को कनहर सिंचाई परियोजना के तहत किसानों के खेतों तक पानी पहुंचाने की दिशा में महत्वपूर्ण कड़ी माना जा रहा है। संबंधित भूमि का बैनामा पूरा होने से माइनर निर्माण के लिए आवश्यक भूमि संबंधी प्रक्रिया में सुविधा होगी। परियोजना अधिकारियों के अनुसार काश्तकारों के सहयोग से भूमि बैनामे की प्रक्रिया आगे बढ़ रही है, जिससे निर्माण कार्य को गति देने में मदद मिलेगी। बैनामा प्रक्रिया के दौरान कनहर निर्माण खंड-द्वितीय, पिपरी के अधिशासी अभियंता दिलीप कुमार, सहायक अभियंता प्रमोद कुमार गुप्ता, अवर अभियंता देव कुमार सिंह और अवर अभियंता सत्यवान प्रसाद मौजूद रहे। इस दौरान क्षेत्र के अन्य काश्तकार एवं गणमान्य लोग भी उपस्थित रहे। कनहर सिंचाई परियोजना के मुख्य अभियंता नीरज कुमार और अधीक्षण अभियंता सुरेन्द्र नाथ पाण्डेय ने काश्तकारों के सहयोग की सराहना की। उन्होंने कहा कि माइनरों के निर्माण से क्षेत्र के किसानों को सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी। भूमि संबंधी प्रक्रिया में काश्तकारों का सहयोग मिलने से परियोजना के कार्यों को आगे बढ़ाने में सुविधा होगी। लंदन में रहने के बावजूद अपनी भूमि का बैनामा कराने के लिए सोनभद्र पहुंचे जितेन्द्र कुमार गुप्ता की पहल क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी है। कनहर परियोजना के कार्य में प्रत्यक्ष रूप से सहयोग के लिए उनका सोनभद्र पहुंचना क्षेत्र के विकास से जुड़े कार्यों में काश्तकारों की सहभागिता की तस्वीर पेश करता है।

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