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फुटपाथ पर फैला कारोबार, दे रहा लोगों को बीमारी का उपहार

कृष्णा पंडित की कलम से ✍🏻

वाराणसी की सड़कों पर विकास और व्यवस्था के दावे भले ही सुनाई देते हों, लेकिन शहर के कई फुटपाथों की तस्वीर इन दावों को आईना दिखाती है। जिन फुटपाथों का निर्माण पैदल चलने वालों की सुविधा और सुरक्षा के लिए हुआ था, वहां आज जगह-जगह कारोबार का कब्जा दिखाई देता है। नतीजा यह है कि राहगीर सड़क पर चलने को मजबूर हैं और फुटपाथ कारोबारियों के लिए स्थायी बाजार बनते जा रहे हैं।
सबसे गंभीर सवाल केवल अतिक्रमण का नहीं, बल्कि स्वास्थ्य और स्वच्छता का है। खुले में खाद्य पदार्थों की बिक्री, धूल-मिट्टी के बीच रखी सामग्री, गंदा पानी और कूड़े के आसपास लगती दुकानों का सीधा असर लोगों के स्वास्थ्य पर पड़ सकता है। जिस जगह पर स्वच्छता की सबसे अधिक जरूरत है, वहीं लापरवाही का सबसे बड़ा प्रदर्शन दिखाई देता है।
विडंबना देखिए—एक तरफ प्रशासन लोगों को स्वच्छता का संदेश देता है, दूसरी तरफ फुटपाथों पर खुले खाद्य कारोबार और गंदगी की समस्या लंबे समय तक बनी रहती है। सवाल उठना स्वाभाविक है कि आखिर जिम्मेदारी किसकी है? दुकानदार की, नगर व्यवस्था की या उन अधिकारियों की, जिनकी निगरानी में सार्वजनिक स्थानों पर लगातार कब्जे बढ़ते जाते हैं?

कारोबार के लिए व्यवस्थित वेंडिंग जोन बनाए जा सकते हैं, स्वच्छता के नियम लागू किए जा सकते हैं और पैदल यात्रियों के लिए फुटपाथ खाली रखे जा सकते हैं।
वाराणसी केवल एक शहर नहीं, बल्कि देश-दुनिया के लिए आस्था और पर्यटन का बड़ा केंद्र है। ऐसे में शहर की सड़कों और फुटपाथों की बदहाल तस्वीर केवल स्थानीय समस्या नहीं, बल्कि वाराणसी की पहचान से जुड़ा सवाल है।
अब जरूरत केवल अभियान चलाकर दो-चार दिन फुटपाथ खाली कराने की नहीं है। जरूरत है स्थायी व्यवस्था, नियमित निगरानी और जिम्मेदारी तय करने की। वरना फुटपाथ पर फैलता यह कारोबार सुविधा का बाजार नहीं, बल्कि लापरवाही की ऐसी दुकान बन जाएगा, जहां मुनाफा कुछ लोगों का होगा और कीमत पूरे शहर को स्वास्थ्य और अव्यवस्था के रूप में चुकानी पड़ेगी।

ज्यादातर शहर में दर्शनार्थी और यात्री आ रहे हैं जिनसे मनमानी पैसे की वसूली और मिलावट भरी पदार्थो को चटपटा बनाकर परोसा जा रहा है जो जहर की तरह शरीर में बीमारी और जख्म दोनों पैदा कर रहा है लेकिन अभी तक जिम्मेदार विभाग सो रहा है और उसको क्या लेना देना सिर्फ खानापूर्ति के लिए सैंपलिंग और अपनी व्यवस्था को मजबूत करने के लिए लोगों को सेट कर रखा है ! 

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