” एक व्यक्ति के मौत से पूरा परिवार अंधकार में डूबा। पूर्वांचल राज्य ब्यूरो।
महराजगंज जनपद के विकास खंड सिसवा बाजार क्षेत्र के ग्राम पंचायत हरखपूरा के एक परिवार पर पिछले दो वर्षों से मानो दुखों का पहाड़ टूट पड़ा हो। दो साल पहले मृतक सूरज गौतम की छोटी बहन की हत्या हो गई, वहीं दूसरी बहन सड़क हादसे में अपने दोनों पैर गंवा बैठी। बड़ी बहन से मिलने गए बुजुर्ग पिता का भी एक्सीडेंट हो गया जिसमें उनका पैर बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया।
इन सब घटनाओं के बीच घर का इकलौता सहारा सूरज गौतम भी हादसे का शिकार हो गया। गिरने से उसकी गर्दन टूट गई और करीब एक साल तक इलाज चला। इस दौरान परिवार की सारी जमीन बिक गई, लेकिन कोई राहत नहीं मिली। लाचार पिता छोटे-छोटे बच्चों का पेट पालने के लिए भीख मांगने तक मजबूर हो गए।
सूचना मिलते ही यंग हेल्प फाउंडेशन की टीम ने तुरंत पहल की। संस्थापक व सचिव कमलेश कुमार वर्मा, अध्यक्ष अजय वर्मा, नागमणि, राजू, महेंद्र यादव, धनजीत चौरसिया समेत कई सामाजिक कार्यकर्ता पीड़ित परिवार के घर पहुँचे और दो महीने का राशन व अन्य आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराई।
- लेकिन नियति को कुछ और मंजूर था। दो दिन बाद ही सूरज गौतम की मौत हो गई। जैसे ही खबर मिली, संस्थापक कमलेश कुमार वर्मा हरखपूरा पहुँचकर पीड़ित परिवार को सांत्वना देते हुए शवयात्रा और दाह संस्कार की व्यवस्था कराई। उन्होंने ब्रह्मभोज की जिम्मेदारी भी उठाने का आश्वासन दिया।
यंग हेल्प फाउंडेशन ने घोषणा की है कि अब से मृतक सूरज गौतम के पाँचों बच्चों की पढ़ाई, भोजन और दवाई की जिम्मेदारी संगठन निभाएगा। संस्था के पदाधिकारियों ने कहा कि इस असहाय परिवार को अब अकेले नहीं छोड़ा जाएगा।”










