40 नाबालिग समेत 56 लड़कियां लापता, पुलिस की कार्रवाई पर उठे सवाल : अंबेडकरनगर अपहरण कांड
————————————
पूर्वांचल राज्य ब्यूरो
अंबेडकर नगर
————————————
अंबेडकर नगर – अगस्त महीने में जनपद के 18 थानों में 56 अपहरण के मुकदमे दर्ज हुए, जिसमें अकबरपुर कोतवाली में सर्वाधिक 11 मामले शामिल हैं. कई परिवारों ने सामाजिक लोकलाज के डर से शिकायत दर्ज नहीं की यूपी के अंबेडकरनगर में बीते एक महीने में लड़कियों के अपहरण के 56 मामले दर्ज होने से हड़कंप मच गया है. इनमें से 49 लड़कियों को पुलिस ने बरामद कर लिया है, जिनमें 40 नाबालिग हैं. पुलिस अधीक्षक केशव कुमार ने बताया कि अधिकतर मामले प्रेम प्रसंग से जुड़े हैं, और 5 मामले अलग-अलग समुदायों से संबंधित हैं. इनमें तीन मामले हिंदू लड़कियों और मुस्लिम आरोपियों से जुड़े हैं, जबकि दो में हिंदू आरोपी और मुस्लिम लड़कियां शामिल हैं. सभी मामलों में वैधानिक कार्रवाई की गई है
*क्या है पूरा मामला ?*
दरअसल अगस्त महीने में जनपद के 18 थानों में 56 अपहरण के मुकदमे दर्ज हुए, जिसमें अकबरपुर कोतवाली में सर्वाधिक 11 मामले शामिल हैं. कई परिवारों ने सामाजिक लोकलाज के डर से शिकायत दर्ज नहीं की, जिससे वास्तविक आंकड़ा और अधिक हो सकता है. इन घटनाओं ने जिले में कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं. सोशल मीडिया पर यह मुद्दा तेजी से ट्रेंड कर रहा है, और कुछ लोग इसे धर्मांतरण और लव जिहाद से जोड़कर देख रहे हैं
*पुलिस की सफाई और कार्रवाई*
पुलिस अधीक्षक केशव कुमार ने स्पष्ट किया कि कोई संगठित गिरोह इन मामलों में शामिल नहीं पाया गया है. उन्होंने कहा कि 56 मुकदमों में से 49 लड़कियों को बरामद किया जा चुका है, और साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है. पुलिस का कहना है कि ज्यादातर मामले प्रेम प्रसंग से जुड़े हैं, और जांच में प्रलोभन या जबरन मतांतरण के कोई पुख्ता सबूत नहीं मिले हैं
*हिंदूवादी संगठनों में आक्रोश*
विश्व हिंदू परिषद के अवध प्रांत प्रमुख अरविंद पांडे ने इन घटनाओं को लव जिहाद का हिस्सा बताया. उन्होंने आरोप लगाया कि जिले में सुनियोजित तरीके से हिंदू लड़कियों को प्रेम जाल में फंसाकर धर्मांतरण का खेल चल रहा है. हिंदूवादी संगठनों ने प्रशासन से कठोर कार्रवाई की मांग की है, जिससे जिले में तनाव का माहौल है
*मामले में सियासत शुरू*
सांसद लालजी वर्मा ने महिला अपराधों में वृद्धि पर चिंता जताते हुए कहा कि कमजोर वर्ग की लड़कियां निशाना बन रही हैं. उन्होंने सरकार से सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की










