घुसपैठ से बढ़ी मुस्लिम आबादी, प्रजनन दर वजह नहीं: अमित शाह
घुसपैठियों को पहचानो, हटाओ और देश से बाहर करो
पूर्वांचल राज्य ब्यूरो नई दिल्ली।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को देश की जनसांख्यिकीय स्थिति पर बड़ा बयान देते हुए कहा कि भारत में मुस्लिम आबादी में वृद्धि प्रजनन दर से नहीं, बल्कि पाकिस्तान और बांग्लादेश से हो रही अवैध घुसपैठ के कारण हुई है। उन्होंने साफ कहा कि अगर हर कोई यहां यूं ही घुसता रहा तो देश ‘धर्मशाला’ बन जाएगा।
दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए शाह ने स्पष्ट शब्दों में कहा, “वोट डालने का अधिकार सिर्फ भारतीय नागरिकों को ही होना चाहिए। वोटर लिस्ट में घुसपैठियों की मौजूदगी संविधान की भावना के खिलाफ है।”
घुसपैठियों पर कड़ा रुख, विपक्ष पर निशाना
गृह मंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार “पहचानो, हटाओ और निर्वासित करो” की नीति के तहत अवैध घुसपैठियों पर कार्रवाई करेगी। उन्होंने चुनाव आयोग की स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (एसआईआर) प्रक्रिया का समर्थन करते हुए कहा कि यह एक राष्ट्रीय सुरक्षा का मुद्दा है, इसे राजनीतिक चश्मे से नहीं देखा जाना चाहिए।
अमित शाह ने विपक्ष पर हमला बोलते हुए कहा कि एसआईआर प्रक्रिया का विरोध केवल इसीलिए हो रहा है क्योंकि विपक्षी दल अपने वोट बैंक को खतरे में देख रहे हैं। उन्होंने कांग्रेस को आड़े हाथों लेते हुए कहा, “ये वही प्रक्रिया है जो पहले कांग्रेस सरकारों के दौरान भी अपनाई गई थी, लेकिन अब जब कार्रवाई तेज़ हो रही है, तो उन्हें आपत्ति हो रही है।”
शरणार्थी और घुसपैठिए में फर्क जरूरी
गृह मंत्री ने शरणार्थियों और घुसपैठियों के बीच अंतर को रेखांकित करते हुए कहा, “शरणार्थी वे हैं जो धार्मिक उत्पीड़न के कारण भारत आते हैं, जबकि घुसपैठिए वे हैं जो आर्थिक या अन्य स्वार्थों के चलते अवैध रूप से देश में घुसते हैं। इन दोनों को एक तराजू में नहीं तोला जा सकता।”
निष्पक्ष चुनाव की शर्त: शुद्ध वोटर लिस्ट
अमित शाह ने यह भी कहा कि जब तक वोटर लिस्ट में केवल पात्र भारतीय नागरिक ही शामिल नहीं होंगे, तब तक निष्पक्ष और स्वतंत्र चुनाव की कल्पना नहीं की जा सकती।










