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सदर तहसील में समाधान दिवस आयोजित, 135 फरियादी पहुंचे 20 मामलों का मौके पर निस्तारण

सदर तहसील में समाधान दिवस आयोजित, 135 फरियादी पहुंचे 20 मामलों का मौके पर निस्तारण
पूर्वांचल राज्य ब्यूरो,गोरखपुर
गोरखपुर।सदर तहसील सभागार में शनिवार को तहसील समाधान दिवस का आयोजन एसडीएम सदर दीपक गुप्ता की अध्यक्षता में संपन्न हुआ। इस दौरान कुल 135 फरियादियों ने अपने-अपने समस्याओं को लेकर उपस्थित होकर शिकायतें दर्ज कराई, जिनमें से 20 शिकायतों का तत्काल समाधान किया गया। शेष शिकायतों को संबंधित विभागों के अधिकारियों को त्वरित कार्रवाई के लिए सौंपा गया।तहसील समाधान दिवस में मुख्य रूप से डिप्टी कलेक्टर/तहसीलदार सदर ज्ञान प्रताप सिंह, नायब तहसीलदार आकांक्षा पासवान, नायब तहसीलदार भागीरथी सिंह, नायब तहसीलदार नीरू सिंह, नायब सीओ चकबंदी रुस्तमपुर सुनील सिंह समेत जिले के अन्य विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
मौजा जंगल नन्दलाल सिंह के एक प्रार्थी ने बताया कि आराजी संख्या 451 की भूमि का अवैध पट्टा दिनांक 23 अप्रैल 1999 को किया गया था, जो वर्ष 2009 में जिलाधिकारी के आदेश से निरस्त कर दिया गया था। इसके बावजूद पट्टा धारक आज तक जमीन से कब्जा नहीं हटाए हैं।मौजा जं०औराही के प्रभु ने शिकायत की कि गाटा संख्या 777, जो चकमार्ग के रूप में है, उस पर गांव के ही खातेदार द्वारा अवैध रूप से कब्जा कर लिया गया है। इससे खेत तक पहुंचने में दिक्कत हो रही है। उन्होंने चकमार्ग की पैमाइश और सीमांकन कराने की मांग की।
मौजा मानबेला के हरिश्चन्द्र और छोटेलाल ने शिकायत में आरोप लगाया कि उनकी पुश्तैनी जमीन (आराजी संख्या 441) पर गांव के व्यक्ति द्वारा जबरन गेट लगाकर कब्जा किया गया है। विरोध करने पर जान से मारने की धमकी दी जा रही है। उन्होंने राजस्व व पुलिस बल की मौजूदगी में पैमाइश का अनुरोध किया।ग्रामसभा समदार बुजुर्ग के रोधेश्याम ने बताया कि उन्होंने पोखरी सं. 204 के दस वर्षीय पट्टे की नीलामी में ₹1,76,000 की सर्वोच्च बोली लगाई और ₹44,000 की पहली किस्त जमा की। लेकिन छह महीने बाद भी पट्टा स्वीकृति पत्र नहीं दिया गया, जबकि वे तालाब की सफाई कर मत्स्य पालन शुरू कर चुके हैं।
एसडीएम सदर दीपक गुप्ता ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया किराजस्व एवं भूमि विवादों से संबंधित शिकायतों का निस्तारण प्राथमिकता के साथ करें।चकमार्ग और सार्वजनिक भूमि पर अवैध कब्जे को गंभीरता से लेते हुए तत्काल सीमांकन एवं अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई करें।विवादित भूमि पर पैमाइश का कार्य पुलिस बल के साथ कराया जाए, ताकि किसी प्रकार का तनाव या विवाद न उत्पन्न हो।
पट्टा संबंधी मामलों में लंबित फाइलों को तत्काल निस्तारित करते हुए आवंटन पत्र जारी किया जाए, जिससे आवेदक के हित सुरक्षित रहें।उन्होंने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया कि तहसील समाधान दिवस पर आने वाले प्रत्येक फरियादी को समाधान के बारे में स्पष्ट जानकारी दी जाए तथा किसी भी समस्या के समाधान में शिथिलता न बरती जाए।

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