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सदर तहसील में लेखपालों का एक दिवसीय धरना, सरकार से वादों को पूरा करने की मांग, 100 से अधिक लेखपाल हुए शामिल

सदर तहसील में लेखपालों का एक दिवसीय धरना, सरकार से वादों को पूरा करने की मांग, 100 से अधिक लेखपाल हुए शामिल
पूर्वांचल राज्य ब्यूरो,गोरखपुर
गोरखपुर। शनिवार को सदर तहसील परिसर में उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ तहसील शाखा गोरखपुर के बैनर तले एक दिवसीय शांतिपूर्ण धरना प्रदर्शन का आयोजन हुआ, जिसमें जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आए 100 से अधिक लेखपालों ने भाग लिया। धरने की अध्यक्षता तहसील अध्यक्ष अनिल राय ने की। कार्यक्रम के दौरान लेखपालों ने अपने लंबित मांगों को लेकर सरकार और प्रशासन के रवैये पर नाराजगी व्यक्त करते हुए ज्ञापन सौंपकर शीघ्र समाधान की मांग की।धरने के दौरान लेखपालों ने बताया कि पिछले 9 वर्षों से वे अपनी शैक्षणिक योग्यता और पदनाम परिवर्तन, प्रारम्भिक वेतनमान उच्चीकरण, एसीपी विसंगति, मृतक आश्रितों की पेंशन समस्या, वाहन भत्ता, स्टेशनरी भत्ता और विशेष वेतन भत्ता में वृद्धि जैसी महत्वपूर्ण मुद्दों को लेकर संघर्ष कर रहे हैं। इन मुद्दों पर कई बार सरकार और प्रशासन से वार्ता और पत्राचार हुआ, लेकिन अब तक ठोस कदम नहीं उठाया गया।
स्थानीय तहसील भवन में करीब 3 घंटे तक चले इस धरने में लेखपालों ने हाथों में बैनर लेकर अपनी मांगों को सशक्त रूप से उठाया। मुख्य मांगों में वर्ष 2018 के शासनादेश के अनुरूप अंतर्मण्डलीय स्थानांतरण की सूची जारी करना, मृतक आश्रित लेखपालों को पुरानी पेंशन व्यवस्था का लाभ प्रदान करना और बढ़ते कार्यभार के अनुरूप पद सृजन शामिल है। लेखपालों ने बताया कि प्रदेश में भूमि विवादों और राजस्व विभाग से जुड़े मामलों में बढ़ोतरी हो रही है, लेकिन मौजूदा स्टाफ की संख्या अपर्याप्त है, जिससे कार्यों के निर्वहन में बरती जा रही मेहनत का मूल्यांकन ठीक से नहीं हो रहा।धरना प्रदर्शन के दौरान संघ के वरिष्ठ नेता जयदेव ने कहा, “हम सब जानते हैं कि लेखपाल राजस्व विभाग की रीढ़ हैं, लेकिन जब हमारी समस्याओं पर कोई ध्यान नहीं दिया जाता, तो मजबूर होकर धरना देना पड़ रहा है। संगठन के रूप में हम मजबूती से अपनी आवाज उठा रहे हैं, आगे यदि समाधान नहीं हुआ तो हम बड़े स्तर पर आंदोलन करेंगे।इस अवसर पर लेखपाल संघ ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं की गई तो आने वाले दिनों में वे कार्य बहिष्कार, राजधानी में प्रदर्शन और विधान भवन का घेराव जैसी रणनीति अपनाने पर बाध्य होंगे। संघ के नेताओं ने बताया कि कई बार विभागीय बैठकों में सहमति के बावजूद मुद्दों का समाधान नहीं निकल पाया है, जो अत्यंत निराशाजनक है।
धरना समाप्ति पर एक प्रतिनिधिमंडल ने उप जिलाधिकारी (एसडीएम) सदर दीपक गुप्ता के माध्यम से मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में लेखपालों ने प्रमुख मांगों से अवगत कराते हुए त्वरित कार्रवाई की अपेक्षा जताई। एसडीएम सदर ने ज्ञापन की प्रति प्राप्त करने के बाद कहा कि वे इसे अग्रसारित कर देंगे और समाधान के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।ध्यान देने योग्य बात यह है कि इस धरने में जिले के चारों तहसीलों से लेखपाल शामिल हुए। जिला स्तर से आए लेखपालों की उपस्थिति ने इस आंदोलन को प्रदेश स्तर पर मजबूती प्रदान की। लेखपालों ने बताया कि यह धरना पूरी तरह शांतिपूर्ण रहा और कार्यकर्ताओं ने प्रशासन के साथ सम्मानपूर्वक अपनी बात रखी।कार्यक्रम के अंत में तहसील अध्यक्ष अनिल राय ने कहा, लेखपाल वर्ग सदैव से ही सरकार की रीढ़ की हड्डी रहा है। आज हम अपनी बात रखने के लिए यहां एकत्रित हुए हैं। हम चाहते हैं कि हमारी मांगें न केवल सुनी जाएं, बल्कि उनको जल्द से जल्द पूरा भी किया जाए।
धरना समाप्त होने के बाद सभी लेखपाल अपने-अपने कार्यस्थलों पर लौट गए, लेकिन एक स्वर में उन्होंने यह भी कहा कि यदि अब भी मांगों को नजरअंदाज किया गया, तो अगला कदम सरकार को सोचने पर मजबूर कर देगा।

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