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“एड्स रोकथाम जागरूकता ही एकमात्र सबसे बड़ा हथियार” — प्राचार्य डॉ. गुलरेज रौशन रहमान

“एड्स रोकथाम जागरूकता ही एकमात्र सबसे बड़ा हथियार” — प्राचार्य डॉ. गुलरेज रौशन रहमान

वर्ल्ड एड्स डे 2025 पर राजेन्द्र मिश्र महाविद्यालय सहरसा में संगोष्ठी आयोजित

जागरूकता रैली को प्रिन्सिपल ने हरी झंडी दिखाकर किया रवाना

सहरसा |

विश्व एड्स दिवस 2025 के मौके पर राजेन्द्र मिश्र महाविद्यालय, सहरसा में राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) के तत्वावधान में एक महत्वपूर्ण संगोष्ठी आयोजित की गई। इसके उपरांत प्राचार्य प्रो. (डॉ.) गुलरेज रौशन रहमान ने तिवारी टोला बायपास रोड पर जागरूकता रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

एड्स दिवस का वैश्विक संदेश : जागरूकता, स्मरण और सहयोग

प्राचार्य डॉ. गुलरेज रौशन ने कहा—“एड्स के खिलाफ सबसे प्रभावी हथियार सिर्फ जागरूकता है, और समाज के हर वर्ग की सक्रिय भागीदारी से ही हम HIV संक्रमण के खतरे को कम कर सकते हैं।”
उन्होंने कहा कि विश्व एड्स दिवस सिर्फ एक औपचारिक दिवस नहीं बल्कि ज्ञान, सहानुभूति और जिम्मेदारी का सामूहिक संकल्प दिवस है।

NSS ने किया जागरूकता का नेतृत्व : “Save Life—Stop AIDS” के नारे गूंजे

कार्यक्रम की शुरुआत NSS यूनिट–1 के संयोजक डॉ. इन्द्र कांत झा के तकनीकी वक्तव्य से हुई। उन्होंने बताया—
“एचआईवी शरीर की CD4 कोशिकाओं को नष्ट कर प्रतिरक्षा प्रणाली को कमजोर कर देता है। यह लाइलाज बीमारी है, इसलिए जागरूकता ही प्रमुख बचाव है।”

पूर्व समन्वयक डॉ. कविता कुमारी ने एड्स बचाव के 5 प्रमुख उपायों पर बल दिया—

सुरक्षित यौन संबंध,इस्तेमालशुदा सुई/सीरिंज साझा न करना,सुरक्षित रक्त चढ़ाना,गर्भवती HIV+ महिलाओं को डॉक्टर की निगरानी,रेज़र/टूथब्रश साझा न करना

एड्स दिवस 2025 की अंतरराष्ट्रीय थीम

“बाधाओं पर विजय, एड्स प्रतिक्रिया में परिवर्तन”
डॉ. अक्षय कुमार चौधरी ने बताया कि यह थीम 2030 तक एड्स उन्मूलन के वैश्विक लक्ष्य को रेखांकित करती है। यह स्वास्थ्य अधिकारों, अंतरराष्ट्रीय सहयोग और सतत नीतिगत सुधारों को मजबूत करने का संदेश देती है।

रैली ने दिया समाज को संदेश: “एड्स मिटेगा—जागरूकता बढ़ेगा”

NSS यूनिट–2 के संयोजक डॉ. अमिष कुमार के नेतृत्व में निकाली गई रैली में छात्रों ने एचआईवी रोकथाम से जुड़े स्लोगन के साथ लोगों को जागरूक किया। रैली पूरे तिवारी टोला बायपास रोड से गुजरते हुए लोगों को एड्स के खिलाफ सुरक्षा उपायों से अवगत कराती रही।

शिक्षकों और कर्मियों की बड़ी उपस्थिति ने कार्यक्रम को बनाया प्रभावी

कार्यक्रम में डॉ. पूजा कुमारी, डॉ. अर्पणा, डॉ. पिंकी, डॉ. गोपाल कुमार, डॉ. रमानंद रमण, डॉ. प्रतिभा कपाही, डॉ. संजय कुमार, डॉ. भगवती, डॉ. सुप्रिया कश्यप, डॉ. कमलाकांत झा, डॉ. आलोक कुमार झा, डॉ. बिलो राम, नवीउल इस्लाम, डॉ. प्रीति कुमारी, डॉ. प्रशांत कुमार मनोज, डॉ. संजय परमार, डॉ. रूद्र किंकर वर्मा, डॉ. सुदीप कुमार झा, डॉ. सतीश राज, डॉ. असरारूल, डॉ. गौतम, डॉ. बिट्टू, डॉ. आनंद मिश्रा, डॉ. धनंजय कुमार, डॉ. नीशित रंजन, डॉ. सोनी, डॉ. लक्ष्मण, डॉ. रौशन, डॉ. अनील, सौरभ पाण्डेय,प्रशाखा पदाधिकारी
नंद किशोर झा सहित रणधीर झा, आशुतोष कुमार पाण्डेय, आलोक कुमार, हिफाजत, सुमित मिश्रा, हैदर, सोहराब शामिल रहे l

एड्स जागरूकता अभियान बना सामाजिक संकल्प

राजेन्द्र मिश्र महाविद्यालय ने एक बार फिर सिद्ध किया कि शिक्षा केवल अभ्यासन नहीं—समाज के प्रति जिम्मेदारी का संवेदनशील विस्तार है। संगोष्ठी और रैली दोनों ने स्पष्ट संदेश दिया कि—
“एड्स से लड़ाई विज्ञान की नहीं, जागरूकता और सामाजिक एकता की लड़ाई है।”

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