पूर्वांचल राज्य ब्यूरो
बलिया। जनपद की शिक्षा पाठक ने यूपीएससी में 453वीं रैंक हासिल कर जिले का नाम रोशन किया है। सफलता के बाद वह अपने पैतृक आवास पियरौटा पहुंचीं। शिक्षा पाठक ने बताया कि उनकी प्राथमिक से लेकर ग्रेजुएशन तक की शिक्षा वाराणसी में हुई और वहीं से उन्होंने यूपीएससी की तैयारी भी की। उन्होंने कहा कि यूपीएससी एक लंबा चक्र होता है, जिसमें तीन चरण होते हैं। शिक्षा ने बताया कि वह आमतौर पर चार से पांच घंटे पढ़ाई करती थीं, लेकिन परीक्षा नजदीक आने पर आठ से नौ घंटे तक पढ़ती थीं। यह उनका तीसरा प्रयास था, जिसमें पहला प्रयास 2023 में था। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय पूरे परिवार, खासकर अपनी मां को दिया। शिक्षा ने कहा कि सभी ने उन्हें हमेशा प्रेरित किया। उन्होंने महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत होने के लिए करियर पर ध्यान देने की सलाह दी।
रिजल्ट आने के बाद उन्हें काफी राहत मिली और सबसे पहले उन्होंने अपनी मां को सूचित किया। शिक्षा ने बताया कि उन्हें बहुत अच्छा लग रहा है और परिवार का पूरा सहयोग मिला, जो किसी भी लड़की के लिए बहुत जरूरी है। शिक्षा की मां ने कहा कि बेटी की सफलता को शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता।
बेटी की सफलता पर खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि शिक्षा शुरू से ही मेधावी रही है। पिता अरुण कुमार पाठक ने कहा कि उनकी बेटी ने न केवल परिवार बल्कि पूरे जिले का नाम रोशन किया है और उन्हें अपनी बेटी पर गर्व है। उन्होंने बेटी की सफलता में उसकी मां के अहम योगदान को भी स्वीकार किया। शिक्षा को बधाई देने वालों का तांता लगा रहा।
शिक्षा पाठक ने यूपीएससी में 453वीं रैंक हासिल किया मां को दिया सफलता का श्रेय










