विकास के बड़े दावों के बीच आम जनता की मूलभूत समस्याएं आखिर कब दूर होंगी ?
वाराणसी शहर की कई बस्तियों और मोहल्लों में इन दिनों हालात ऐसे हैं कि सड़कों पर सीवर का गंदा पानी बह रहा है। घरों के सामने बदबूदार नालियां उफन रही हैं, उसी गंदगी के बीच से गुजरने को विवश हैं। हालत यह हो गई है कि अब स्थानीय लोग खुद ही सवाल पूछने लगे हैं— आखिर हमने किस भरोसे पर वोट दिया था?
स्थानीय लोगों का कहना है कि चुनाव के समय विकास, साफ-सफाई और बेहतर व्यवस्था के बड़े-बड़े वादे किए गए थे। लेकिन हकीकत यह है कि आज भी गलियां सीवर के पानी से लबालब हैं। यह सामान्य दिन की बात है ना की बरसात की,सीवर उफनता है और गंदा पानी घरों के दरवाजों तक पहुंच जाता है। इस बदहाल स्थिति से लोग बेहद परेशान और नाराज हैं।
मेयर पूरी तरीके से नाकाम साबित हो रहे हैं सिर्फ फोटो बाजी में व्यस्त रहते हैं..
लखरांव बजरडीहा रामदुलारी स्कूल व राम जानकी स्कूल पास के कई लोगों ने आरोप लगाया कि कई बार नगर निगम और संबंधित विभागों से शिकायत की गई, लेकिन सुनवाई के नाम पर केवल आश्वासन ही मिला। स्थानीय सभासद तो खुद को मोदी और योगी समझते हैं समस्या जस की तस बनी हुई है इनका भौकाल टाइट है लोग प्यार से बात करते हैं तो ताव में रहते हैं नतीजा यह है कि अब लोगों का धैर्य जवाब देने लगा है।
स्थानीय निवासी एक बुजुर्ग महिला ने बताया की वोट मांगने के समय नेताओं की भीड़ लग जाती है, लेकिन जब जनता की समस्या सामने आती है तो वही नेता और अधिकारी गायब हो जाते हैं। गंदगी और सीवर के पानी से न सिर्फ लोगों का जीवन नारकीय हो गया है बल्कि बीमारियों का खतरा भी बढ़ता जा रहा है।
बच्चे स्कूल जाने में परेशान हैं, बुजुर्ग घर से निकलने से डरते हैं और महिलाएं रोजाना बदबू और गंदगी के बीच रहने को मजबूर हैं। कई लोगों का कहना है कि अगर जल्द ही सीवर और जलनिकासी की व्यवस्था ठीक नहीं हुई तो वे सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे।
शहर के इन हालातों ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि विकास के बड़े दावों के बीच आम जनता की मूलभूत समस्याएं आखिर कब दूर होंगी ? फिलहाल तो सीवर के गंदे पानी में डूबी गलियां और परेशान लोग यही कह रहे हैं !!










