पूर्वांचल राज्य ब्यूरो
बलिया। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण और उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देश पर शनिवार को दीवानी न्यायालय परिसर में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन हुआ। इस दौरान कुल 56 हजार 592 वाद निस्तारित किए गए।
मौके पर ही 14 करोड़ 89 लाख 40 हजार 671 रुपए की वसूली की गई। इसके अलावा 21 करोड़ 40 लाख रुपए की समझौता राशि तय हुई। लोक अदालत में दीवानी, फौजदारी, राजस्व, बैंक एवं अन्य मामलों का निस्तारण किया गया। दीवानी न्यायालय के न्यायिक अधिकारियों ने कई मामलों का समझौते के आधार पर निपटारा कराया। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट न्यायालय में 2291 फौजदारी मामलों का निस्तारण करते हुए 6 लाख 30 हजार 400 रुपये का अर्थदंड वसूला गया।
इसके अलावा विभिन्न न्यायालयों में कुल 3212 मामलों का निस्तारण कर 6 लाख 61 हजार 830 रुपये का अर्थदंड वसूला गया। सिविल न्यायालयों के कई मामलों में उत्तराधिकार प्रमाण पत्र भी जारी किए गए। इसकी कुल धनराशि एक करोड़, 63 लाख 66 हजार रुपए रही। वहीं स्थायी लोक अदालत में दो सिविल मामलों का निस्तारण कर पांच हजार रुपये की समझौता राशि तय की गई। लोक अदालत में परिवार न्यायालय में भी वैवाहिक मामलों का निस्तारण किया गया। प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय ने 20 तथा अतिरिक्त प्रधान न्यायाधीश ने 25 वैवाहिक मामलों का समाधान कराया गया। मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण ने 27 मामलों का निस्तारण कर एक करोड़ 42 लाख 25 हजार रुपये का प्रतिकर प्रदान किया। राजस्व विभाग की ओर से 21 हजार 436 मामलों का निस्तारण किया गया। जबकि उपभोक्ता फोरम में पांच मामलों का निपटारा कर नौ लाख 13 हजार 847 रुपये का प्रतिकर दिया गया। बैंक से जुड़े प्री-लिटिगेशन के 1102 मामलों का निस्तारण करते हुए पांच करोड़ 92 लाख 96 हजार 403 रुपये की समझौता राशि तय की गई। इसमें से दो करोड़ 55 लाख 78 हजार 678 रुपये मौके पर ही वसूले गए। दूरसंचार विभाग ने 10 मामलों का निपटारा कर 84 हजार 842 रुपये की वसूली की। इसके अलावा बिजली विभाग ने 30755 मामलों का निस्तारण कर 12 करोड़ 26 लाख 15 हजार 321 रुपये की समझौता धनराशि तय की गई। इस प्रकार राष्ट्रीय लोक अदालत में कुल 56 हजार 592 मामलों का निस्तारण किया गया। इन मामलों में कुल 21 करोड़ 40 लाख 36 हजार 140 रुपये की समझौता धनराशि तय हुई। जबकि मौके पर ही 14 करोड़ 89 लाख 40 हजार 671 रुपये की वसूली की गई।
राष्ट्रीय लोक अदालत में 56 हजार वाद निस्तारित, 14 करोड़ की हुई वसूली










