पूर्वांचल राज्य संवाददाता दीपू तिवारी
(सिंगरौली) सोमवार को सिंगरौली सुपर थर्मल पावर स्टेशन परियोजना में मजदूरों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। श्रमिकों का आरोप है कि उनसे प्रतिदिन 12 घंटे काम कराया जा रहा है, जबकि भुगतान केवल 8 घंटे का ही किया जा रहा है।
बताया जा रहा है कि सुबह करीब 10 बजे से बड़ी संख्या में मजदूर हड़ताल पर बैठ गए। मजदूरों का कहना है कि यह समस्या लंबे समय से चली आ रही है। कई बार परियोजना प्रबंधन से शिकायत करने के बावजूद कोई ठोस समाधान नहीं निकाला गया, जिससे श्रमिकों में नाराजगी बढ़ती चली गई।
आक्रोशित मजदूरों ने परियोजना परिसर में प्रदर्शन करते हुए नारेबाजी की। इस दौरान कुछ समय के लिए परिसर में हंगामे जैसी स्थिति भी बन गई। मजदूरों ने स्पष्ट कहा कि जब तक उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं होती, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।
सूत्रों के अनुसार परियोजना में स्टेज-3 के तहत भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड (भेल) के अधीन काम करने वाले मजदूर भी इस हड़ताल में शामिल हैं। स्थिति को देखते हुए परियोजना प्रबंधन और सुरक्षा कर्मी मौके पर पहुंचे और मजदूरों को शांत कराने का प्रयास किया अधिकारियों और मजदूर प्रतिनिधियों के बीच बातचीत भी शुरू कर दी गई है।
इस मामले पर मुकेश सिंह, जो समाजवादी पार्टी के प्रदेश सचिव हैं, ने कहा कि NTPC Limited सिंगरौली में भेल कंपनी के तहत काम करने वाले मजदूरों का लगातार शोषण हो रहा है। उनका आरोप है कि मजदूरों से 12 घंटे काम कराया जाता है, लेकिन भुगतान केवल 8 घंटे का ही दिया जाता है। साथ ही जो मजदूर अपने अधिकारों की बात करते हैं, उन्हें काम से निकाल दिया जाता है।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि स्थानीय मजदूरों की जगह अन्य राज्यों से सस्ते मजदूरों को लाकर काम कराया जा रहा है, जिससे श्रमिकों का शोषण बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी मजदूरों के साथ खड़ी है और जरूरत पड़ने पर उनके आंदोलन में सहयोग करेगी।
फिलहाल परियोजना प्रबंधन और मजदूर प्रतिनिधियों के बीच बातचीत जारी है। यदि मजदूरों के आरोप सही पाए जाते हैं तो इसे श्रम कानूनों का उल्लंघन माना जा सकता है, जिस पर संबंधित विभागों द्वारा जांच की संभावना जताई जा रही है।









