वाराणसी में गंगा नदी के बीच नाव पर इफ्तार करने के मामले में 14 युवकों की गिरफ्तारी के बाद अब सियासत तेज हो गई है। इस पूरे प्रकरण को लेकर विपक्ष और सत्ता पक्ष आमने-सामने आ गए हैं।
📌 अखिलेश यादव का सवाल
समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा—क्या गंगा में रोजा इफ्तार नहीं कर सकते? उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि प्रशासन को इफ्तारी देनी चाहिए थी, न कि गिरफ्तारी करनी चाहिए थी।
उन्होंने यह भी कहा कि “हथेली गरम तो पुलिस नरम”, इशारों में पुलिस कार्रवाई पर सवाल खड़े किए।
📌 कांग्रेस का हमला
कांग्रेस सांसद इमरान प्रतापगढ़ी ने भी यूपी सरकार को घेरते हुए कहा कि यूपी पुलिस कानून के दुरुपयोग का रिकॉर्ड बना रही है।
📌 बीजेपी का पलटवार
वहीं, भाजपा सांसद दिनेश शर्मा ने साफ कहा कि गंगा की पवित्रता से खिलवाड़ किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
⚖️ क्या है पूरा मामला?
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16 मार्च को गंगा नदी में नाव पर इफ्तार पार्टी का आयोजन
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वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने FIR दर्ज की
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14 मुस्लिम युवकों को गिरफ्तार किया गया
🗣️ अखिलेश का बड़ा आरोप
अखिलेश यादव ने कहा कि यह कार्रवाई लोगों के बीच दूरी पैदा करने के लिए की जा रही है।
उन्होंने सवाल उठाया कि गंगा में चलने वाले 5-स्टार जहाजों और प्रदूषण फैलाने वालों पर क्या कार्रवाई हुई?
⚠️ बड़ा मुद्दा बना विवाद
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आस्था बनाम अधिकार की बहस तेज
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कानून व्यवस्था पर सवाल
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गंगा की पवित्रता और धार्मिक भावनाओं का मुद्दा
📢 निष्कर्ष
काशी का यह मामला अब सिर्फ एक स्थानीय घटना नहीं रहा, बल्कि प्रदेश की सियासत का बड़ा मुद्दा बन गया है। आने वाले दिनों में इस पर और बयानबाजी और राजनीतिक हलचल देखने को मिल सकती है।










