पूर्वांचल राज्य संवाददाता दीपू तिवारी
(सोनभद्र) म्योरपुर विकासखंड के कुसम्हा गांव निवासी जीत सिंह खरवार, जो वर्तमान में उत्तर प्रदेश अनुसूचित जाति एवं जनजाति आयोग के प्रदेश उपाध्यक्ष के रूप में राज्य मंत्री का दर्जा प्राप्त हैं,
आज भी अपनी जड़ों से जुड़े हुए हैं। उच्च पद पर आसीन होने के बावजूद उन्होंने न तो खेती का साथ छोड़ा है और न ही गौ सेवा की अपनी परंपरा को। जीत सिंह खरवार का कहना है कि भारत एक कृषि प्रधान देश है और खेती हमारी संस्कृति एवं पहचान का अहम हिस्सा है।
उन्होंने बताया कि बचपन से ही वह अपने माता-पिता के साथ खेतों में काम करते रहे हैं, जिससे खेती उनके जीवन का अभिन्न अंग बन गई है। यही कारण है कि आज भी व्यस्त राजनीतिक और प्रशासनिक जीवन के बावजूद वह समय निकालकर खेती करते हैं।
उन्होंने आगे बताया कि गौ सेवा भी उनके दैनिक जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा है। वह प्रतिदिन सुबह उठकर सबसे पहले गौ सेवा करते हैं और इसे एक पुण्य कार्य मानते हैं। उनका मानना है
कि गायों की सेवा करने से न केवल आध्यात्मिक संतोष मिलता है, बल्कि समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार भी होता है। जीत सिंह खरवार ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि सभी को अपनी संस्कृति और परंपराओं से जुड़े रहना चाहिए।
विशेष रूप से गौ सेवा और खेती जैसे कार्य न केवल हमें प्रकृति के करीब लाते हैं, बल्कि समाज को भी मजबूत बनाते हैं। उनकी सादगी और जमीनी जुड़ाव क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। लोग उनके इस जीवन शैली की सराहना कर रहे हैं और इसे एक प्रेरणा के रूप में देख रहे हैं।









