Home / Uncategorized / नव संवत्सर पर संस्कृति का विराट उत्सव, ‘हिंदू रत्न सम्मान’ से नारी शक्ति का अभिनंदन

नव संवत्सर पर संस्कृति का विराट उत्सव, ‘हिंदू रत्न सम्मान’ से नारी शक्ति का अभिनंदन

वैदिक मंत्रों के बीच नव संवत्सर का स्वागत, भव्य आयोजन में दिखी सनातन संस्कृति की झलक

पूर्वांचल राज्य ब्यूरो वाराणसी।

विक्रम संवत 2083 के शुभारंभ पर मैदागिन स्थित गोरखनाथ मंदिर परिसर में त्रिशक्ति सेवा फाउंडेशन एवं हिंदू युवा वाहिनी के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित “नव संवत्सर अभिनंदन एवं हिंदू रत्न सम्मान समारोह” भक्ति, परंपरा और सांस्कृतिक वैभव का अद्भुत संगम बन गया। कार्यक्रम की शुरुआत विधि-विधान से नव कन्या पूजन के साथ हुई, जो सोनेश्वर बाबा के निर्देशन में सम्पन्न हुआ।
मुख्य अतिथि अन्नपूर्णा मठ मंदिर के महंत शंकर पुरी जी महाराज एवं अध्यक्षता कर रहे गोरखनाथ मंदिर के महंत योगी रामनाथ जी महाराज ने दीप प्रज्वलित कर समारोह का शुभारंभ किया। इस अवसर पर महेश चंद्र श्रीवास्तव, दीपक मधोक, मनोज मद्धेशिया एवं प्रियंका तिवारी विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं।
स्वस्तिवाचन के दौरान 15 बटुकों और 20 ब्राह्मणों द्वारा किए गए वैदिक मंत्रोच्चार ने वातावरण को पूर्णतः आध्यात्मिक बना दिया। इसके पश्चात ममता टंडन की शिष्याओं द्वारा गणेश वंदना एवं शिल्पा संगीत महाविद्यालय के कलाकारों द्वारा स्वागत गीत प्रस्तुत किया गया, जिसने सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया।
सांस्कृतिक कार्यक्रमों की श्रृंखला में महारानी लक्ष्मीबाई पर आधारित समूह नृत्य, कथक प्रस्तुति एवं “हिंदू नववर्ष की महत्ता” विषयक नाटक ने दर्शकों की खूब सराहना बटोरी। साथ ही बांग्ला बाउल लोकनृत्य, ठुमरी, चैती, “मसाने की होली” और महाभारत पर आधारित प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम में विविध रंग भरे।
नारी शक्ति का हुआ विशेष सम्मान
“हिंदू रत्न सम्मान (नारी शक्ति)” के अंतर्गत डॉ. शालिनी टंडन, नीलू मिश्रा, चेतना तिवारी, वंदना रघुवंशी, जगदीश्वरी चौबे, प्रीति रवि जायसवाल, सोना मौर्य, शिल्पा गांगुली एवं सीमा चौधरी को सम्मानित किया गया। साथ ही विभिन्न संस्थाओं एवं प्रतिभागियों को भी सम्मान प्रदान किया गया।
कार्यक्रम में योग, शिव तांडव, राम भक्ति नृत्य, शौर्य प्रदर्शन, डमरू वादन एवं शंखनाद ने वातावरण को भक्तिमय और ऊर्जावान बना दिया। एलईडी स्क्रीन के माध्यम से “हर घर भगवा ध्वज” अभियान की झलक भी प्रस्तुत की गई।

इनसेट बॉक्स-

अंबरीश सिंह ‘भोला’ का वक्तव्य

स्वागत भाषण में हिंदू युवा वाहिनी के मंडल प्रभारी अंबरीश सिंह ‘भोला’ ने कहा- “नव संवत्सर केवल कालगणना का परिवर्तन नहीं, बल्कि हमारी सनातन संस्कृति के पुनर्जागरण का प्रतीक है। यह हमें अपने गौरवशाली इतिहास, ऋषि परंपरा और सांस्कृतिक मूल्यों को आत्मसात करने की प्रेरणा देता है। आज आवश्यकता है कि हम अपनी नई पीढ़ी को भारतीय संस्कारों से जोड़ें और ‘हर घर भगवा’ के संकल्प के साथ राष्ट्र एवं धर्म के उत्थान में सक्रिय भूमिका निभाएं।”

ढोल-नगाड़ों और आतिशबाजी के साथ भव्य समापन

कार्यक्रम का समापन नव संवत्सर के आगमन के उल्लासपूर्ण वातावरण में ढोल-नगाड़ों, शंखनाद की गूंज और रंग-बिरंगी, अनोखी आतिशबाजियों से सजे आकाश के बीच हुआ। इस भव्य समापन ने उपस्थित जनसमूह को उत्साह और आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया।

अंत में अतिथियों द्वारा प्रतिभागियों को सम्मानित कर धन्यवाद ज्ञापन के साथ कार्यक्रम का समापन किया गया। यह आयोजन न केवल नव संवत्सर के स्वागत का प्रतीक बना, बल्कि सामाजिक एकता, सांस्कृतिक चेतना और नारी सशक्तिकरण का सशक्त संदेश भी दे गया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *