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नहर की पटरी से अतिक्रमण हटाने पहुंचा सिंचाई विभाग, जेसीबी कार्रवाई से मचा हड़कंप

पूर्वांचल राज्य ब्यूरो
महराजगंज / घुघली पल्टू मिश्रा
महराजगंज भिटौली थाना क्षेत्र के भैंसा गांव में सिंचाई विभाग द्वारा बीते रविवार को अचानक बिना किसी सूचना के नहर की पटरी पर किए गए अतिक्रमण के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की गई। विभाग की टीम पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंची और जेसीबी मशीन से अवैध कब्जों को हटाते हुए झोपड़ियों को ध्वस्त कर दिया। इस कार्रवाई से इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
बताया जा रहा है कि भैंसा गांव में लंबे समय से कुछ ग्रामीणों द्वारा सिंचाई विभाग की भूमि पर झोपड़ी बनाकर कब्जा किया गया था। विभाग ने पूर्व में नोटिस जारी कर निर्धारित समय के भीतर अतिक्रमण हटाने का निर्देश दिया था, लेकिन चेतावनी के बावजूद कब्जाधारियों ने कोई कदम नहीं उठाया। इसके बाद उच्च अधिकारियों के निर्देश पर विभाग ने सख्त रुख अपनाते हुए अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू कर दी।
कार्रवाई की सूचना मिलते ही मौके पर मौजूद कुछ महिलाएं आक्रोशित हो गईं और विरोध जताने लगीं। उनका कहना था कि वे वर्षों से वहां रह रही हैं और उन्हें बिना वैकल्पिक व्यवस्था के हटाया जा रहा है। हालांकि, पुलिस बल की मौजूदगी में विभागीय टीम ने विरोध के बीच ही जेसीबी मशीन से झोपड़ियों को हटवा दिया।
इस संबंध में सहायक अभियंता एस.एन. चौधरी ने बताया कि अतिक्रमणकारियों को पहले ही लिखित नोटिस देकर पर्याप्त समय दिया गया था। समयसीमा समाप्त होने के बाद भी कब्जा न हटाने पर मजबूरन कार्रवाई करनी पड़ी। उन्होंने कहा कि यह अभियान उच्च अधिकारियों के निर्देश पर चलाया गया है और आगे भी अवैध कब्जों के खिलाफ सख्ती जारी रहेगी।
वहीं, स्थानीय ग्रामीण वासुदेव ने कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि पहले जमीन की पैमाइश कराई जाती तो विवाद की स्थिति नहीं बनती। उनका आरोप है कि बिना सीमांकन के ही झोपड़ियों को हटाया गया, जिससे कई परिवारों को भारी नुकसान उठाना पड़ा।
कार्रवाई के दौरान जिलेदार संजीव सिंह, मनोज कुमार, कृपा शंकर अग्रहरी, अशोक कुमार, अनुग्रह राय, रुपेश वर्मा सहित सिंचाई विभाग के कर्मचारी और भारी संख्या में पुलिस बल मौजूद रहा।
अब बड़ा सवाल यह है कि क्या प्रशासन प्रभावित परिवारों के पुनर्वास की कोई व्यवस्था करेगा, या फिर कार्रवाई के बाद ये लोग खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर होंगे।    

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