आर्याज सिंह की कलम से
देश में जब शिक्षा के क्षेत्र में सच्चे नेतृत्व की बात होती है , तो कुछ नाम अपने आप उभर कर सामने आ जाते हैं । उन्हीं में से एक हैं T. N. Singh, जिनका व्यक्तित्व आज के समय में प्रेरणा का स्रोत बन चुका है ।
Indian Institute of Technology Patna के वर्तमान निदेशक के रूप में प्रो . टी.एन. सिंह ने जिस तरह से संस्था को नई दिशा दी है, वह काबिले-तारीफ है । उनके कार्यभार संभालने के बाद से आईआईटी पटना में शिक्षा, शोध और आधारभूत संरचना (इन्फ्रास्ट्रक्चर) के क्षेत्र में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिला है ।
इससे पहले वे महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ वाराणसी ) के कुलपति के पद को भी सुशोभित कर चुके हैं । उनके कार्यकाल में विद्यापीठ में शिक्षा व्यवस्था और इंफ्रास्ट्रक्चर के स्तर पर सकारात्मक बदलाव स्पष्ट रूप से देखने को मिला । बनारस जैसे ऐतिहासिक शिक्षा केंद्र में उन्होंने जो सुधार किए, वह आज भी वहां की पहचान बने हुए हैं ।
प्रो. सिंह की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि वे केवल प्रशासनिक पद पर बैठकर निर्देश देने वाले व्यक्ति नहीं हैं, बल्कि जमीन पर उतरकर काम करने वाले नेतृत्वकर्ता हैं । उनका मानना है कि शिक्षा केवल डिग्री तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि समाज और राष्ट्र निर्माण का आधार बननी चाहिए ।
वर्तमान समय में, जब वे आईआईटी पटना को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए निरंतर प्रयासरत हैं, तब यह साफ दिखता है कि उनका विज़न केवल संस्थान तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे शिक्षा तंत्र को सशक्त बनाने का है। सरकार की पहल के साथ कदम से कदम मिलाकर वे इस संस्थान को एक नई पहचान दिलाने में जुटे हुए हैं ।
उनकी कार्यशैली में पारदर्शिता, अनुशासन और नवाचार का अद्भुत संगम देखने को मिलता है । यही कारण है कि आज आईआईटी पटना केवल एक संस्थान नहीं, बल्कि उत्कृष्टता का प्रतीक बनता जा रहा है ।
ऐसे समय में, जब शिक्षा को सही दिशा देने वाले नेतृत्व की आवश्यकता है, प्रो. टी.एन. सिंह जैसे व्यक्तित्व यह विश्वास दिलाते हैं कि अगर नीयत साफ हो और सोच सकारात्मक, तो किसी भी संस्थान को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया जा सकता है ।










