पूर्वांचल राज्य वाराणसी। नगर निगम वाराणसी के 18 वार्डों में वर्षों से चली आ रही पेयजल समस्या के समाधान की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। अमृत-2.0 योजना के तहत 814.54 करोड़ रुपये की वृहद पेयजल परियोजना को शासन से प्रशासनिक और वित्तीय स्वीकृति मिल गई है। इस महत्वाकांक्षी योजना की आधारशिला जल्द ही प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा रखी जाएगी।
परियोजना के अंतर्गत शहर के विभिन्न क्षेत्रों में 651 किलोमीटर से अधिक लंबा नया पाइपलाइन नेटवर्क बिछाया जाएगा। इसके साथ ही जल भंडारण और सुचारु आपूर्ति के लिए 18 ओवरहेड टैंक और 22 भूमिगत जलाशयों का निर्माण प्रस्तावित है। इस पूरी व्यवस्था को अत्याधुनिक स्काडा तकनीक से जोड़ा जाएगा, जिससे जल आपूर्ति, दबाव और लीकेज की रियल-टाइम मॉनिटरिंग संभव होगी।
इस योजना से लगभग 67,886 घरों को शुद्ध पेयजल कनेक्शन मिलने का लक्ष्य है। खासतौर पर वरुणा पार, रामनगर और सूजाबाद जैसे विस्तारित क्षेत्रों को इसका सीधा लाभ मिलेगा, जहां अब तक जल आपूर्ति की समस्या गंभीर बनी हुई थी।
नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल के अनुसार, परियोजना के लागू होने के बाद शहर के घनी आबादी वाले इलाकों में आने वाले कई दशकों तक पेयजल संकट से राहत मिलेगी। शासन से पहली किस्त जारी होने के बाद जल निगम ने निर्माण कार्यों की तैयारियां तेज कर दी हैं।
यह परियोजना काशी के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के साथ ही ‘हर घर जल’ के लक्ष्य को साकार करने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगी।
814 करोड़ की पेयजल परियोजना को मंजूरी, पीएम मोदी करेंगे शिलान्यास










