अधिवक्ता बोले प्रशासन के द्वारा की गई गलत कार्यवाही।
पूर्वांचल राज्य ब्यूरो वाराणसी
वाराणसी के राजातालाब तहसील क्षेत्र के धानापुर लश्करिया गांव में प्रशासन के द्वारा 300 बीघा सरकारी भूमि को कब्जा मुक्त करवाया गया था। सोमवार को तहसील खुलने के बाद भूमि कब्जा प्रकरण ने एक नया मोड़ ले लिया,, स्थानीय अधिवक्ता राजमणि सिंह और प्रभु नारायण यादव ने आरोप लगाया कि उनका मामला अभी उच्च न्यायालय में लंबित है, इसके बावजूद प्रशासन द्वारा जमीन पर कब्जा कर लिया गया, दोनों अधिवक्ताओं के अनुसार उनकी लगभग 9 एकड़ जमीन को बिना किसी पूर्व सूचना नोटिस या बेदखली आदेश के जबरन घेर लिया गया है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि प्रशासन द्वारा खेत में कटीले तार और पिलर लगाकर कब्जा किया गया है, जिससे खड़ी फसल को भी नुकसान पहुंचाया जा रहा है।
यह घटना एसडीएम के नेतृत्व में प्रशासन द्वारा दानापुर लश्करिया में करीब 188 एकड़ यानी की 300 बीघा सरकारी जमीन को कब्जा मुक्त करवाने के 1 दिन बाद हुई, इस कार्रवाई के दौरान भारी पुलिस बल की मौजूदगी में जमीन पर पोल गाड़कर तारबंदी की गई थी, और 300 बीघा सरकारी भूमि को कब्जा मुक्त करवाया गया था।
अधिवक्ताओं ने इस पूरे प्रकरण पर कड़ी नाराजगी जताते हुए तहसील परिसर में नारेबाजी और प्रदर्शन किया उनका कहना है कि न्यायालय में मामला लंबित होने के बावजूद इस तरह की कार्रवाई उचित नहीं है, अधिवक्ताओं ने तहसील प्रशासन को चेताते हुए कहा कि प्रशासन अपने आदेशों और बीते दिन किए गए कार्यों को वापस ले अन्यथा अधिवक्ता बड़े आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।










