पूर्वांचल राज्य संवाददाता: दीपू तिवारी
रेणुकूट (सोनभद्र) स्थानीय पिपरी क्षेत्र में स्थित रिहंद बांध पर शुक्रवार को उत्तर प्रदेश के मत्स्य विभाग के कैबिनेट मंत्री संजय निषाद ने औचक निरीक्षण किया। इस दौरान केज कल्चर योजना में कई गंभीर अनियमितताएं सामने आने पर उन्होंने कड़ी नाराजगी जताई और जिम्मेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए।
मंत्री दोपहर करीब 11 बजे पिपरी डोंगियानाला क्षेत्र पहुंचे, जहां से उन्होंने पिपरी रिहंद जलाशय का स्थलीय निरीक्षण किया। इसके बाद नाव के माध्यम से उन केजों तक पहुंचे, जहां मछली पालन किया जाना था। निरीक्षण के दौरान पाया गया कि कई स्थानों पर योजना के तहत लगाए गए केजों में गड़बड़ी की गई है।
प्राथमिक जांच में यह सामने आया कि पहले से मौजूद पुराने केजों को नया दिखाकर सरकारी धन के दुरुपयोग की आशंका है। साथ ही लाभार्थियों के नाम पर जारी धनराशि को वापस लेकर एक ही व्यक्ति को लाभ पहुंचाने का मामला भी सामने आया है, जिससे योजना के वास्तविक उद्देश्य पर सवाल खड़े हो गए हैं।
निरीक्षण के दौरान कई केज खाली पाए गए और उनमें मछलियों के बजाय काई जमी हुई थी, जो लंबे समय से देखरेख न होने की ओर संकेत करती है। इस स्थिति पर मंत्री ने कड़ी नाराजगी जताते हुए कहा कि लापरवाही और भ्रष्टाचार किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
संजय निषाद ने स्पष्ट निर्देश दिए कि पूरे मामले की गहन जांच कराई जाए और दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों एवं कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने यह भी कहा कि सरकार की योजनाओं का लाभ वास्तविक लाभार्थियों तक पहुंचाना सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसमें किसी भी प्रकार की अनियमितता को गंभीरता से लिया









