टीबी मरीज ने लगाया वसूली का आरोप, प्राइवेट दवा लेने का बनाया दबाव
विरोध करने पर अभद्रता और दवा बंद करने की धमकी का भी आरोप
पूर्वाचल राज्य ब्यूरो वाराणसी
सेवापुरी । प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) सेवापुरी पर तैनात एसटीएस (टीबी सुपरवाइजर) पर टीबी मरीज से पैसे लेकर दवा देने का गंभीर आरोप सामने आया है। भिटकुरी गांव निवासी सूरज यादव ने आरोप लगाया कि वह टीबी के मरीज हैं और नियमित रूप से अस्पताल से दवा लेते रहे हैं।
पीड़ित के अनुसार, वह शुक्रवार को भी दवा लेने अस्पताल पहुंचे थे, जहां तैनात एसटीएस माधव कृष्ण मालवीय ने उन्हें सरकारी दवाओं के साथ प्राइवेट दवाएं लेने के लिए दबाव बनाया। आरोप है कि एसटीएस ने उनसे 500 रुपये ऑनलाइन अपने मोबाइल नंबर पर मंगवा लिए।
सूरज यादव का कहना है कि जब उन्होंने इसका विरोध किया, तो एसटीएस ने उनके साथ अभद्र व्यवहार किया और आगे से दवा न देने की धमकी भी दी। इस घटना से पीड़ित काफी आहत है और उसने मामले में कार्रवाई की मांग की है।
पीड़ित ने यह भी बताया कि इससे पहले घोषिला गांव निवासी टीबी मरीज राम प्यारे सिंह की मृत्यु के मामले में भी जांच हुई थी, लेकिन उसे ठोस निष्कर्ष तक नहीं पहुंचाया गया और मामला ठंडे बस्ते में चला गया।
गौरतलब है कि सरकार द्वारा टीबी उन्मूलन अभियान के तहत मरीजों को मुफ्त जांच, दवा और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती हैं। ऐसे में यदि किसी कर्मचारी द्वारा मरीजों से धन की वसूली की जाती है, तो यह न केवल सरकारी योजनाओं की मंशा के विपरीत है, बल्कि मरीजों के अधिकारों का भी गंभीर उल्लंघन है।
इस संबंध में जब प्रभारी चिकित्सा अधिकारी, पीएचसी सेवापुरी डॉ. अमित सिंह से बात की गई, तो उन्होंने बताया कि शिकायत की लिखित जानकारी मिली है। मामले की जांच कराई जा रही है, जांच के बाद तथ्य स्पष्ट किए जाएंगे।










