पूर्वांचल राज्य ब्यूरो वाराणसी
बी.पी. मंडल की 44वीं पुण्यतिथि पर जन्मस्थली काशी में भावभीनी श्रद्धांजलि
सामाजिक न्याय और समानता के प्रतीक, मंडल आयोग के अध्यक्ष स्वर्गीय बिंदेश्वरी प्रसाद मंडल की 44वीं पुण्यतिथि के अवसर पर वाराणसी स्थित उनके जन्मस्थल नेपाली कोठी, शिवाला घाट पर एक गरिमामय श्रद्धांजलि कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह पहली बार था जब उनके जन्मस्थल पर इस प्रकार का आयोजन किया गया, जिसमें विभिन्न समाजसेवियों, बुद्धिजीवियों एवं जनप्रतिनिधियों ने भाग लेकर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित सभी गणमान्य अतिथियों ने बी.पी. मंडल के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया। वक्ताओं ने उनके जीवन, संघर्ष और सामाजिक समानता के लिए किए गए अतुलनीय योगदान को याद करते हुए उन्हें एक युगपुरुष की संज्ञा दी।
वक्ताओं ने कहा कि बी.पी. मंडल केवल एक राजनेता नहीं थे, बल्कि वे करोड़ों वंचितों और पिछड़े वर्गों की सशक्त आवाज़ थे। उनके नेतृत्व में गठित मंडल आयोग की सिफारिशों ने देश में सामाजिक न्याय की दिशा में एक नई क्रांति का मार्ग प्रशस्त किया, जो आज भी मार्गदर्शक सिद्ध हो रही है।
उन्होंने अपने पूरे जीवन में समाज के कमजोर वर्गों के अधिकारों के लिए संघर्ष किया और उनकी विचारधारा आज भी समाज को समानता और न्याय की दिशा में प्रेरित करती है। वक्ताओं ने यह भी कहा कि उनके आदर्शों और विरासत को जीवित रखना हम सभी का कर्तव्य है।
इस अवसर पर प्रमुख रूप से उपस्थित गणमान्य व्यक्तियों में आचार्य वागीश दत्त मिश्र, राजेश कुमार यादव, मोहम्मद मुश्ताक, आदित्य यादव, डॉ. संजय सोनकर, गुप्तेश्वर चौधरी, त्रिलोकी जायसवाल, संतोष सेठ, संजय कसेरा, महंत ब्रिज किशोर यादव, विनोद साहनी एवं श्याम जी यादव शामिल रहे।
कार्यक्रम का समापन सामाजिक समरसता और न्याय के प्रति संकल्प के साथ किया गया।










