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चंदौली में 22 अप्रैल को भगवान परशुराम प्राकट्योत्सव

भव्य आयोजन की तैयारियां तेज

पूर्वांचल राज्य /चंदौली

चंदौली,भगवान विष्णु के छठे अवतार भगवान परशुराम की जयंती के पावन अवसर पर जनपद चंदौली में 22 अप्रैल 2026 (बुधवार) को भव्य प्राकट्योत्सव समारोह का आयोजन किया जाएगा। कार्यक्रम का आयोजन दोपहर 12 बजे केंद्रीय विद्यालय प्रेक्षागृह, दीन दयाल उपाध्याय नगर में निर्धारित किया गया है। आयोजन को लेकर तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच चुकी हैं और व्यापक स्तर पर लोगों को आमंत्रित किया जा रहा है।

आयोजन समिति के अनुसार यह कार्यक्रम न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक होगा, बल्कि सामाजिक एकता और सांस्कृतिक परंपराओं को मजबूत करने का भी संदेश देगा। समस्त ब्राह्मण समाज के तत्वावधान में आयोजित इस समारोह में बड़ी संख्या में लोगों की भागीदारी अपेक्षित है।

समारोह में कई विशिष्ट अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति प्रस्तावित है। इनमें पूर्व सांसद वाराणसी डॉ. राजेश मिश्रा, राज्यसभा सांसद डॉ. सीमा द्विवेदी, बिहार के विधायक मिथिलेश तिवारी, गोरखपुर के पूर्व विधायक विजय शंकर तिवारी, प्रयागराज के पूर्व विधायक उदय भान करवरिया तथा उत्तर प्रदेश सरकार के पूर्व मंत्री सुनील भराला शामिल होंगे। इन अतिथियों द्वारा समाज, संस्कृति और समसामयिक मुद्दों पर अपने विचार भी व्यक्त किए जाएंगे।

कार्यक्रम के दौरान भगवान परशुराम के जीवन, उनके आदर्शों और सनातन संस्कृति में उनके योगदान पर विस्तृत प्रकाश डाला जाएगा। इसके साथ ही सामाजिक समरसता, शिक्षा के महत्व और सांस्कृतिक मूल्यों को आगे बढ़ाने पर भी चर्चा होगी। आयोजन में धार्मिक अनुष्ठान, सांस्कृतिक प्रस्तुतियां तथा समाज के विशिष्ट लोगों का सम्मान समारोह भी आयोजित किया जाएगा।

आयोजन के निवेदक के रूप में समस्त ब्राह्मण समाज, जिला चंदौली सक्रिय भूमिका निभा रहा है। जिलापंचायत सदस्य संजय पांडेय एवं अधिवक्ता शैलेन्द्र कवि ने बताया कि कार्यक्रम की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं और जिले सहित आसपास के क्षेत्रों में व्यापक स्तर पर आमंत्रण भेजे जा चुके हैं।

इस अवसर पर मिथिलेश तिवारी ‘बब्बू’, टनमन पांडेय, राजेश पाठक, अमित चौबे, दिनेश उपाध्याय, झबलू गुरु तथा वरिष्ठ नेता कुंज बिहारी ‘कुंजू गुरु’ सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

समाज के प्रबुद्धजनों का मानना है कि इस प्रकार के आयोजन धार्मिक आस्था को सुदृढ़ करने के साथ-साथ सामाजिक एकजुटता और सांस्कृतिक जागरूकता को भी बढ़ावा देते हैं। आयोजकों ने जनपदवासियों से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर कार्यक्रम को सफल बनाएं।

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