पूर्वांचल राज्य ब्यूरो
महराजगंज, भारतीय रेलवे के स्थापना दिवस के पावन अवसर पर आनंदनगर रेलवे स्टेशन के 18 लाइसेंसी दुकानदारों ने अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत हटाई गई दुकानों के लिए पुनर्वास की जोरदार मांग उठाई। उन्होंने रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव, पूर्वोत्तर रेलवे प्रशासन तथा स्थानीय जनप्रतिनिधियों से अपील की कि सर्कुलेटिंग एरिया में उपलब्ध खाली स्थानों पर उन्हें शीघ्र दुकानें आवंटित की जाएं।
लगभग 60 वर्षों से रेल यात्रियों को सस्ते दामों पर स्वादिष्ट जलपान, चाय-नाश्ता उपलब्ध कराने वाले ये मेहनती दुकानदार अब बेरोजगारी की चपेट में हैं। एक वृद्ध दुकानदार ने भावुक स्वर में कहा, “हमने रेल यात्रियों और कर्मचारियों की निष्ठापूर्ण सेवा की, किंतु अब हमारे बच्चे स्कूल त्याग चुके हैं तथा कुछ बुजुर्ग दवा-दारू के अभाव में असमय काल के गाल में समा गए।” दुकानदारों ने रेखांकित किया कि वे सदैव गुणवत्ता युक्त सामग्री सस्ते भाव पर परोसते रहे, जिससे यात्रियों को सुगमता प्राप्त होती थी।
दिसंबर 2025 में रेल मंत्रालय के सदस्य श्री कृष्ण कुमार वर्मा ने स्टेशन का औचक निरीक्षण कर दुकानदारों की व्यथा सुनी थी, किंतु अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। दुकानदारों ने सर्कुलेटिंग एरिया में पड़ी खाली जगहों का हवाला देते हुए कहा कि वहां पुनर्वास संभव है। स्थानीय भाजपा कार्यकर्ताओं, पत्रकारों एवं सामाजिक संगठनों ने महराजगंज सांसद पंकज चौधरी तथा पूर्वोत्तर रेलवे महाप्रबंधक से त्वरित हस्तक्षेप की मांग की है।
इस घटना ने रेलवे की भव्य प्रगति के बीच विस्थापित दुकानदारों के मानवीय पक्ष को उजागर कर दिया है। दुकानदारों ने रेलवे से उनकी लंबी सेवा के प्रतिफल में न्यायपूर्ण पुनर्वास का आग्रह किया है। स्थापना दिवस के इस दिन यह मुद्दा अधिकारियों व नेताओं के समक्ष प्रमुखता से उभर आया है।










