सोनभद्र / पूर्वांचल राज्य संवाददाता: दीपू तिवारी
सोनभद्र: पिपरी अंतर्गत स्थित एक विद्यालय में इन दिनों एक नन्हे छात्र के एडमिशन के साथ उसकी उत्साहभरी शुरुआत चर्चा का विषय बनी हुई है। यह स्कूल अब उसके लिए केवल पढ़ाई का केंद्र नहीं, बल्कि खुशियों का एक सुंदर आंगन बन गया है। उसकी चंचलता, मासूमियत और ऊर्जा ने न केवल सहपाठियों बल्कि शिक्षकों का भी दिल जीत लिया है।
मात्र 3 साल 6 महीने की छोटी उम्र में ही इस बच्चे ने एलकेजी (LKG) कक्षा में प्रवेश लिया है मोहल्ले के अन्य बच्चों को स्कूल जाते देख वह पहले से ही स्कूल जाने के लिए उत्सुक रहता था। अब जब उसे यह अवसर मिला है, तो वह पूरे उत्साह के साथ बच्चों के साथ खेलते-कूदते हुए सीखने का आनंद ले रहा है।
उसकी पढ़ाई के प्रति लगन का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि वह सुबह 6 बजे से ही तैयार होकर स्कूल जाने के लिए उत्साहित रहता है। इतना ही नहीं, वह रविवार को भी स्कूल जाने की जिद करता है, जो उसकी सीखने की तीव्र इच्छा को दर्शाता है।
विद्यालय की अध्यापिका भी उसकी प्रशंसा करते नहीं थकतीं। उनका कहना है कि इतनी छोटी उम्र में बच्चे का आत्मविश्वास, अनुशासन और व्यवहार अत्यंत सराहनीय है। वह अन्य बच्चों के लिए भी प्रेरणा बन रहा है।
विद्यालय परिवार का मानना है
कि यह नन्हा सितारा भविष्य में अवश्य ही बड़ी उपलब्धियां हासिल करेगा। सभी शिक्षक और अभिभावक उसे ढेर सारा प्यार और आशीर्वाद दे रहे हैं।










