वाराणसी | क्राइम डेस्क अपडेट
वाराणसी में कोडीन युक्त कफ सिरप के अवैध कारोबार के बड़े नेटवर्क पर कार्रवाई तेज हो गई है। फरार आरोपी शुभम जायसवाल के कथित ‘गुरु’ प्रशांत उपाध्याय उर्फ लड्डू की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। कोतवाली पुलिस और SIT ने साफ किया है कि 30 अप्रैल तक सरेंडर न करने पर आरोपी की चल-अचल संपत्ति की कुर्की (CrPC 82/83) की जाएगी।
🔍 घेराबंदी तेज, मददगारों पर भी नजर
भेलूपुर थाना क्षेत्र के बिरदोपुर निवासी प्रशांत उपाध्याय FIR के बाद से फरार है।
SIT के मुताबिक, उसे शरण देने वालों और नेटवर्क में शामिल मददगारों की पहचान की जा रही है।
सूत्रों के अनुसार, आरोपी रिश्तेदारों के जरिए कानूनी संपर्क साधने की कोशिश में है।
गौरव बंशवाल ने कहा—“आरोपियों को किसी भी हालत में बख्शा नहीं जाएगा, दबिश जारी है।”
💊 ‘गुरु-शिष्य’ कनेक्शन का खुलासा
जांच में सामने आया कि प्रशांत उपाध्याय पिछले करीब 6 साल से नारकोटिक्स दवाओं के अवैध कारोबार में सक्रिय था।
मुख्य आरोपी शुभम जायसवाल ने उसी की दुकान पर काम करते हुए पूरे नेटवर्क की बारीकियां सीखी थीं।
मुख्य खुलासे:
- बड़े दवा सप्लायर्स से कनेक्शन प्रशांत ने कराया
- शुरुआती पूंजी भी उसी ने लगाई
- फर्जी GST और बैंक खातों के जरिए युवाओं का नेटवर्क खड़ा
- हर महीने 25–30 हजार रुपये देकर ‘रैकेट’ चलाया गया
⚖️ चार्जशीट तैयार, कार्रवाई तेज
रामनगर पुलिस ने भी कार्रवाई करते हुए
रोहित यादव और आजाद जायसवाल के खिलाफ चार्जशीट तैयार कर ली है।
आरोप पत्र जल्द ही कोर्ट में दाखिल किया जाएगा। अन्य आरोपियों की तलाश में लगातार छापेमारी जारी है।
📊 जांच का फोकस
- कोडीन आधारित दवाओं की अवैध सप्लाई चेन
- फर्जी GST और बैंक खातों का उपयोग
- हवाला/फाइनेंशियल ट्रेल की जांच
- नेटवर्क में शामिल नए नामों की तलाश









