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स्वास्थ्य व्यवस्था पर डीएम का सख्त प्रहार: लापरवाही पर होगी कार्रवाई, झोलाछाप डॉक्टरों पर कसा शिकंजा

पूर्वांचल राज्य ब्यूरो
महराजगंज ( घुघली) पल्टू मिश्रा
महराजगंज, 25 अप्रैल 2026।
जिलाधिकारी श्री संतोष कुमार शर्मा की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा करते हुए सख्त रुख अपनाया गया। बैठक में जननी सुरक्षा योजना, मातृ एवं शिशु मृत्यु दर, टीकाकरण, गर्भवती महिलाओं की एएनसी जांच, आयुष्मान कार्ड, एनसीडी तथा क्षय रोग उन्मूलन जैसे महत्वपूर्ण कार्यक्रमों की गहन समीक्षा की गई।
बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि अवैध अस्पतालों, पैथोलॉजी सेंटर, मेडिकल स्टोरों और झोलाछाप डॉक्टरों के खिलाफ सघन अभियान चलाकर कठोर कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि झोलाछाप डॉक्टरों पर प्रभावी रोक लगाना प्रशासन की शीर्ष प्राथमिकता होनी चाहिए।
टीकाकरण की धीमी प्रगति पर नाराजगी जताते हुए डीएम ने सुपरवाइजरों को नियमित क्षेत्र भ्रमण के निर्देश दिए। साथ ही लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों को चिन्हित कर कारण बताओ नोटिस जारी करने और निर्धारित समय में सुधार न होने पर सेवा समाप्ति की कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा। नौतनवा क्षेत्र की खराब प्रगति पर बीपीएम और बीसीपीएम को नोटिस जारी करने तथा एक माह में सुधार न होने पर सेवा समाप्ति की प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए गए।
जननी सुरक्षा योजना में रतनपुर (नौतनवा), पनियरा और बृजमनगंज की खराब स्थिति पर जिलाधिकारी ने कड़ी फटकार लगाई। उन्होंने मुख्य चिकित्सा अधिकारी को निर्देशित किया कि सभी सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों पर मरीजों को जनऔषधि केंद्रों की दवाएं ही लिखी जाएं। साथ ही एचएमआईएस, मंत्रा और यू-विन पोर्टल पर डाटा फीडिंग में शुद्धता और एकरूपता बनाए रखने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने यह भी निर्देश दिया कि जिन स्वास्थ्य केंद्रों का संचालन स्टाफ के अभाव में शुरू नहीं हो पाया है, उनके लिए तत्काल प्रमुख सचिव स्वास्थ्य को पत्र भेजकर आवश्यक नियुक्तियां सुनिश्चित कराई जाएं।
गर्मी के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए डीएम ने सभी सरकारी अस्पतालों, सामुदायिक एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर कूलिंग सेंटर बनाने और हीट वेव से बचाव के समुचित इंतजाम करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अस्पतालों में मरीजों और तीमारदारों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो, इसका विशेष ध्यान रखा जाए। साथ ही स्कूलों में बच्चों को हीट वेव से बचाव के प्रति जागरूक करने और उथले हैंडपंपों के रीबोर की जिम्मेदारी डीपीआरओ को सौंपी गई।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी महेंद्र कुमार सिंह, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. नवनाथ प्रसाद, सीएमएस डॉ. ए.के. द्विवेदी सहित स्वास्थ्य विभाग के अन्य अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे. 

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